Rajasthan News: खाकी पर खादी भारी! कांग्रेस नेता के साथ बदसूलकी करने पर 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, जानें पूरा मामला

Misbehave with Congress leader in Tonk

कांग्रेस नेता के साथ बदसूलकी करने पर 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

टोंक: राजस्थान के टोंक जिले में बेलगाम बजरी माफिया की वजह से आए दिन विवाद होते रहते हैं। बजरी से मिलने वाली रॉयल्टी सरकारी खजाने के लिए तो दुधारू गाय के समान है, लेकिन बजरी माफिया ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर रखा है। ऐसा ही एक नजारा कल देखने को मिला जहां बरोनी थाना क्षेत्र के हाड़ीखुर्द गांव में रॉयल्टी कर्मचारियों के खिलाफ ग्रामीण धरने पर बैठ गए। इसके बाद ग्रामीणों ने सोहेला-डिग्गी स्टेट हाईवे-117 पर ट्रैक्टर लगाकर जाम लगा दिया।

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इसके बाद ग्रामीणों द्वारा राजमार्ग जाम करने की सूचना पूर्व टोंक जिला प्रमुख रामविलास चौधरी को मिली तो वे धरनास्थल पर पहुंचे और पुलिस से समझाइश करने लगे। इस बीच पुलिस और रामविलास चौधरी की आपस में कहासुनी हो गयी जो धक्कामुक्की में बदल गयी। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रमुख रामविलास चौधरी के साथ दुर्व्यवहार करने और धक्का देने के आरोप में तीन पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि बदसलूकी करने की घटना का वीडियो बुधवार को वायरल हुआ था।

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तीन पुलिसवालों पर गिरी गाज

जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों के धरने में शामिल होने पहुंचे रामबिलास चौधरी के साथ निवाई डीएसपी रुद्रप्रकाश शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों ने अभद्रता की और उनका गिरेबान पकड़कर खींचकर गाड़ी में बैठाया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद मामले में शामिल पुलिसवालों पर गाज गिरी है। सरकार ने निवाई सीओ रूद्र प्रकाश शर्मा, टोंक सदर SHO सीआई आशाराम गुर्जर और पीपलू एसएचओ सीआई प्रह्लाद सहाय को तुरंत सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं।

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अजमेर रेंज महानिरीक्षक को सौंपी जांच

महानिदेशक पुलिस इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा ने बताया कि मामले की अग्रिम जांच अजमेर रेंज महानिरीक्षक श्री रुपिंदर सिंघ को सौंपी गई है। बता दें कि जनप्रतिनिधि के साथ हुई इस तरह की अभद्रता के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है।

इस तरह हुआ विवाद

कुछ स्थानीय लोगों ने एक रॉयल्टी ठेकेदार के कर्मचारियों पर लोगों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए एक राज्य राजमार्ग पर जाम लगा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्थानीय व्यक्ति को पीटा गया और कुछ दुकानों पर पथराव किया गया। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिये हल्का बल का प्रयोग किया। इस बीच, रामविलास चौधरी मौके पर पहुंचे और पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रकाश शर्मा से बात की। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया और जबरदस्ती पुलिस जीप में ले गए। चौधरी को वहां से पुलिस लेकर गई और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

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कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने की थी कार्रवाई की मांग

वहीं इस घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति की पिटाई के बाद कुछ लोगों ने राजमार्ग को जाम कर दिया था। वे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसके बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार के कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को आज ही अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। डोटासरा के ट्वीट के बाद क्षेत्राधिकारी निवाई रूद्रपकाश शर्मा और थाना प्रभारी सदर निवाई आशुसिंह गुर्जर को निलंबित कर दिया गया।

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