Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

बिहार

क्या सम्राट चौधरी होंगे बिहार के अगले CM? राज्यसभा जाने से पहले नीतीश कुमार के किया इशारा

एनडीए गठबंधन के भीतर भी इस घटना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सम्राट चौधरी पहले से ही बीजेपी के मजबूत नेता माने जाते हैं और संगठन में उनकी पकड़ भी मजबूत है. (सौरव कुमार की रिपोर्ट)

Author
Edited By : Arif Khan Updated: Mar 18, 2026 17:16

बिहार के जमुई और नवादा में आयोजित ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की सियासत को लेकर बड़ा संकेत दिया है. मंच से उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा, उनका समर्थन करने के लिए जनता से हाथ उठवाए और कहा – ‘अब सब काम यही करेंगे.’ इस एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

नीतीश कुमार का यह सार्वजनिक समर्थन महज एक औपचारिकता नहीं माना जा रहा. राजनीतिक जानकार इसे एक स्पष्ट संकेत के तौर पर देख रहे हैं कि वे बिहार की कमान सम्राट चौधरी को सौंपने का मन बना चुके हैं. खासकर तब, जब यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और 10 अप्रैल से उनका कार्यकाल शुरू होने वाला है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें : ‘जब नीतीश जी नहीं तो मैं भी नहीं’, विधायक अनंत सिंह का बड़ा ऐलान-अब नहीं लड़ेंगे चुनाव

एनडीए गठबंधन के भीतर भी इस घटना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सम्राट चौधरी पहले से ही बीजेपी के मजबूत नेता माने जाते हैं और संगठन में उनकी पकड़ भी मजबूत है. ऐसे में नीतीश कुमार का खुला समर्थन न सिर्फ गठबंधन को एकजुट रखने का प्रयास हो सकता है, बल्कि सत्ता के सुचारू ट्रांजिशन का संकेत भी.

---विज्ञापन---

विपक्ष इस घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रहा है. कुछ नेताओं का कहना है कि क्या यह बिहार में “रिमोट कंट्रोल” सरकार की तैयारी है, जहां असली सत्ता किसी और के हाथ में होगी और चेहरा कोई और होगा.

हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक संकेत अक्सर सीधे बयान से ज्यादा असरदार होते हैं. आने वाले दिनों में, खासकर 10 अप्रैल के बाद, बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

यह भी पढ़ें : CM नीतीश कुमार की फिर फिसली जुबान, राबड़ी देवी को बताया लालू यादव की ‘बेटी’

फिलहाल इतना जरूर है कि जमुई और नवादा के मंच से दिया गया यह संदेश केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार की सत्ता के भविष्य की दिशा तय करने वाला संकेत बनता नजर आ रहा है.

First published on: Mar 18, 2026 05:16 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.