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स्ट्रीट डॉग्स की समस्या के प्रति गंभीर पंजाब सरकार, उठाया बड़ा कदम; पशु प्रेमियों की भावना का भी रखा ख्याल

पंजाब सरकार का यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. आम नागरिकों में राहत की लहर है, क्योंकि लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या शहरों से लेकर कस्बों तक लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही थी.

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पंजाब सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट के हाल ही में दिए आदेश को पूरी निष्ठा के साथ लागू करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट कहा है कि राज्य में स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और खेल परिसरों जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों से आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा. सरकार का यह कदम उन हजारों नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है, जिन्हें कुत्तों के काटने की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है.

आश्रय स्थलों पर होगा पुनर्वास


सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष पंजाब में तीन लाख से अधिक कुत्ते काटने के मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आश्वासन दिया है कि कुत्तों को सड़कों पर छोड़ने की बजाय उन्हें उचित आश्रय स्थलों पर शिफ्ट किया जाएगा. लुधियाना के डॉग सैंक्चुअरी मॉडल को पूरे राज्य में अपनाया जाएगा. इन आश्रय केंद्रों में कुत्तों को बंध्याकरण (स्टेरिलाइजेशन), टीकाकरण और उचित देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी.

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सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि इस पूरी प्रक्रिया में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियम 2023 का पूर्ण पालन किया जाएगा. कोई भी कुत्ता बिना वैटरीनरी जांच के euthanize नहीं किया जाएगा. केवल रेबीज से ग्रस्त, असाध्य रूप से बीमार या अत्यधिक आक्रामक कुत्तों पर ही चिकित्सकीय सलाह के बाद कार्रवाई की जाएगी.

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संतुलित रुख अपनाते हुए सरकार


पंजाब सरकार का यह फैसला सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. आम नागरिकों में राहत की लहर है, क्योंकि लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या शहरों से लेकर कस्बों तक लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही थी.

दूसरी ओर, पशु प्रेमी संगठनों की चिंताओं को भी सरकार गंभीरता से ले रही है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि इस अभियान को पूरी तरह मानवीय और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाएगा.

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First published on: May 30, 2026 03:28 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

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