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डिजिटल पंजाब: भगवंत मान सरकार की ई-नीलामी व्यवस्था से खत्म हुआ बिचौलियों का राज

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब में ई-नीलामी व्यवस्था लागू कर सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया जा रहा है. ऑनलाइन बोली से जनता की भागीदारी और सरकारी राजस्व दोनों बढ़ रहे हैं.

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पंजाब में सरकारी प्रक्रियाओं को तेज, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार लगातार डिजिटल सुधारों को बढ़ावा दे रही है. इसी कड़ी में ई-नीलामी व्यवस्था अब राज्य में प्रशासनिक बदलाव का बड़ा उदाहरण बनकर उभर रही है. सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था ने पारंपरिक नीलामी प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी पहले से कहीं अधिक मजबूत की है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लगातार इस बात पर जोर देते हैं कि जनता का पैसा पूरी पारदर्शिता के साथ इस्तेमाल होना चाहिए. इसी सोच के तहत पारंपरिक नीलामी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है, इंटरनेट के माध्यम से सीधे बोली लगा सकता है. इससे न केवल भागीदारी बढ़ती है, बल्कि पहले जो सीमित लोगों तक ही नीलामी पहुंचती थी, वह अब आम जनता तक भी पहुंच रही है. ताकि हर व्यक्ति को बराबर मौका मिल सके और पूरी प्रक्रिया खुली व निष्पक्ष बनी रहे.

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अब सरकारी जमीन, खनन अधिकार, कमर्शियल साइट्स और विभिन्न लाइसेंसों की नीलामी पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए की जा रही है. इससे लोग घर बैठे ही बोली प्रक्रिया में हिस्सा ले पा रहे हैं. सरकार का कहना है कि पहले जहां नीलामी सीमित लोगों तक सिमट जाती थी, वहीं अब गांवों और छोटे शहरों के लोग भी सीधे डिजिटल माध्यम से जुड़ रहे हैं.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, यह व्यवस्था बिचौलियों और किसी भी तरह के दबाव की भूमिका को खत्म करती है. पहले कई बार नीलामी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते थे, लेकिन अब हर बोली का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़ते हैं. जरूरत पड़ने पर इस रिकॉर्ड की जांच भी की जा सकती है, जिससे सिस्टम और अधिक जवाबदेह बनता है.

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सरकार का मानना है कि ई-नीलामी से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सरकारी संपत्तियों को बेहतर मूल्य मिलेगा. इससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होती है, जिसे आगे विकास कार्यों में लगाया जाता है. सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सुधार के लिए , यह अतिरिक्त आय महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कई बार साफ कर चुके हैं कि उनकी सरकार “ईमानदार और जवाबदेह सिस्टम” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. ई-नीलामी व्यवस्था इसी सोच का हिस्सा मानी जा रही है, जहां हर बोली का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है. इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी, दबाव या बिचौलियों की भूमिका को काफी हद तक खत्म करने में मदद मिली है.

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सरकार के अनुसार ऑनलाइन नीलामी से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, जिसके कारण सरकारी संपत्तियों को बेहतर कीमत मिल रही है. इससे राज्य के राजस्व में इजाफा हो रहा है और इसी आय को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में लगाया जा रहा है.

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First published on: May 25, 2026 03:34 PM

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