नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका ऐलान किया. पार्टी का नाम रखा है ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’. उन्होंने एक्स पर पार्टी के बैनर के साथ खुद की तस्वीर पोस्ट की है और साथ ही एक लंबी पोस्ट भी लिखी है.
‘नेशनल लेवल पर नए विकल्प की तैयारी’
वजोत कौर सिद्धू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें इस पल का बहुत इंतजार था. उन्होंने मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व के प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक ‘नए विकल्प’ पर काम करने की बात कही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी जिंदगी देश के लिए समर्पित करना चाहती हैं और लोगों को वह अधिकार वापस दिलाना चाहती हैं, जिसके वे हकदार हैं.
The much awaited announcement ;we have been working on a new alternative at a national level after carefully monitoring and reviewing the current standards of performance of political leaders. Just wanting to dedicate our lives for our country giving back to the people what they… pic.twitter.com/5ypRNoX21Q
— Dr Navjot Sidhu (@NavjotSidh42212) April 6, 2026
अध्यात्म और राजनीति का मेल
सिद्धू की इस पोस्ट में राजनीति से कहीं ज्यादा अध्यात्म और सेवा का पुट नजर आ रहा है. उन्होंने इसे ‘भगवान का दखल’ बताते हुए कहा कि समान विचारधारा वाले लोग एक साथ आए हैं, जिनमें हर राज्य के लिए काम करने की काबिलियत और पक्का इरादा है. उनका मकसद केवल सत्ता पाना नहीं, बल्कि ‘हायर कॉन्शियसनेस’ और प्यार की ऊर्जा के साथ इंसाफ और शांति देना है.
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पंजाब को ‘गोल्डन स्टेट’ बनाने का विजन
पंजाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए नवजोत कौर ने लिखा कि उनका लक्ष्य पंजाब को उसका खोया हुआ गौरव लौटाना और इसे फिर से ‘गोल्डन स्टेट’ बनाना है. उन्होंने एक ऐसी सरकार की कल्पना की है जो “पंजाब के लोगों की, लोगों के लिए और लोगों द्वारा” हो. उन्होंने आध्यात्मिक गुरुओं की मदद से लोगों की ‘घायल आत्माओं’ को ठीक करने की बात भी कही है.
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बता दें, साल 2026 की शुरुआत में नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस से निकाल दिया गया था. उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा था. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ बयान बाजी की थी. यह बयान बाजी उन्हें भारी पड़ कई और पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते उन्हें पार्टी से निकाल दिया. इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा चल रही थी, लेकिन नई पार्टी का ऐलान करके उन्होंने उन अटकलों पर विराम लगा दिया.










