अमन अरोड़ा ने हाल ही में चंडीगढ़ में सेक्टर-17 स्थित उद्योग भवन में उद्योग और वाणिज्य मंत्री का पद संभाला है। उनके पास पहले से ही कई अन्य विभाग हैं, जिनमें कौशल विकास और प्रशिक्षण, सूचना प्रौद्योगिकी, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, रोजगार सृजन, सुशासन, तथा प्रिंटिंग और स्टेशनरी शामिल हैं। पद संभालने के बाद अमन अरोड़ा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का भरोसा जताने के लिए धन्यवाद किया।
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अमन अरोड़ा को जिम्मेदारी देने का मकसद
अमन अरोड़ा को एक साथ कई विभाग देने का उद्देश्य यह है कि उद्योग लगाने या बढ़ाने के दौरान कारोबारियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर कम लगाने पड़ें। सरकार चाहती है कि नीति, अनुमति, रोजगार और बिजली जैसी जरूरी चीजें एक ही जुड़ी हुई व्यवस्था के तहत काम करें, ताकि सभी विभाग मिलकर उद्योगों की मदद कर सकें और काम तेजी से हो।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता लालफीताशाही, नौकरशाही को खत्म करके पंजाब को निवेश के लिए एक बेहतर राज्य बनाना है। इसके लिए वे सरकारी प्रक्रियाओं को आसान करेंगे, उद्योगों के विकास को बढ़ावा देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उद्योग बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। मंत्री अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि वे ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जिसमें औद्योगिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और सुशासन आपस में जुड़े हों। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य पंजाब को कारोबार करने में आसान राज्य बनाना है और युवाओं के लिए सम्मानजनक तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसर पैदा करना है।
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अमन अरोड़ा के पिता भी रह चुके हैं मंत्री
अमन अरोड़ा को आम आदमी पार्टी का एक प्रमुख और युवा नेता माना जाता है। वे पहली बार फरवरी 2017 में सुनाम विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 30307 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता भगवान दास अरोड़ा दो बार विधायक रह चुके हैं और पंजाब सरकार में मंत्री भी रहे हैं। अमन अरोड़ा ने राजनीति में काफी पहले कदम रखा था। उन्होंने 2007 और 2012 में भी सुनाम से विधानसभा चुनाव लड़ा थी, लेकिन साल 2017 में पहली बार जीत दर्ज की थी। जनवरी 2016 में वे आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। वे अरविंद केजरीवाल के आम आदमी आंदोलन और विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में आए थे।
अमन अरोड़ा ने हाल ही में चंडीगढ़ में सेक्टर-17 स्थित उद्योग भवन में उद्योग और वाणिज्य मंत्री का पद संभाला है। उनके पास पहले से ही कई अन्य विभाग हैं, जिनमें कौशल विकास और प्रशिक्षण, सूचना प्रौद्योगिकी, नई और नवीकरणीय ऊर्जा, रोजगार सृजन, सुशासन, तथा प्रिंटिंग और स्टेशनरी शामिल हैं। पद संभालने के बाद अमन अरोड़ा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का भरोसा जताने के लिए धन्यवाद किया।
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अमन अरोड़ा को एक साथ कई विभाग देने का उद्देश्य यह है कि उद्योग लगाने या बढ़ाने के दौरान कारोबारियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर कम लगाने पड़ें। सरकार चाहती है कि नीति, अनुमति, रोजगार और बिजली जैसी जरूरी चीजें एक ही जुड़ी हुई व्यवस्था के तहत काम करें, ताकि सभी विभाग मिलकर उद्योगों की मदद कर सकें और काम तेजी से हो।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता लालफीताशाही, नौकरशाही को खत्म करके पंजाब को निवेश के लिए एक बेहतर राज्य बनाना है। इसके लिए वे सरकारी प्रक्रियाओं को आसान करेंगे, उद्योगों के विकास को बढ़ावा देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उद्योग बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले। मंत्री अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि वे ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जिसमें औद्योगिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और सुशासन आपस में जुड़े हों। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य पंजाब को कारोबार करने में आसान राज्य बनाना है और युवाओं के लिए सम्मानजनक तथा कौशल आधारित रोजगार के अवसर पैदा करना है।
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अमन अरोड़ा को आम आदमी पार्टी का एक प्रमुख और युवा नेता माना जाता है। वे पहली बार फरवरी 2017 में सुनाम विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 30307 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता भगवान दास अरोड़ा दो बार विधायक रह चुके हैं और पंजाब सरकार में मंत्री भी रहे हैं। अमन अरोड़ा ने राजनीति में काफी पहले कदम रखा था। उन्होंने 2007 और 2012 में भी सुनाम से विधानसभा चुनाव लड़ा थी, लेकिन साल 2017 में पहली बार जीत दर्ज की थी। जनवरी 2016 में वे आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। वे अरविंद केजरीवाल के आम आदमी आंदोलन और विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में आए थे।