indiaAgniveer Ajay Singh Father Statement: अग्निवीर स्कीम पर लोकसभा सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आमने-सामने हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में हुई जुबानी जंग के बाद सीमा पर बलिदान देने वाले 23 वर्षीय अग्निवीर अजय सिंह के पैतृक आवास के बाहर भी हंगामा जारी है। लुधियाना जिले के पायल सब डिवीजन के रामगढ़ सरदाराना गांव में अजय सिंह के परिवार वालों ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कुछ रिपोर्ट्स को खदेड़ दिया।
इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अग्निवीर के परिजनों का आरोप है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिजनों ने गुरुवार को कहा कि उन्हें केंद्र सरकार और आर्मी की ओर से कोई अनुग्रह राशि नहीं मिली है, जबकि 23 वर्षीय अग्निवीर की मौत को 6 महीने से ज्यादा हो गए हैं।
लैंड माइन ब्लास्ट में हुई थी अजय सिंह की मौत
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान 29 मई को रैली के लिए लुधियाना पहुंचे राहुल गांधी ने अग्निवीर अजय सिंह के परिजनों से मुलाकात की थी। अजय सिंह की मौत 2024 की जनवरी में जम्मू और कश्मीर के राजौरी सेक्टर में लैंड माइन ब्लास्ट में हुई थी। चुनाव समाप्ति के बाद राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर लोकसभा सदन में अग्निवीर अजय सिंह का मुद्दा एक बार फिर उठाया।
इसके बाद कांग्रेस नेता स्मित सिंह, अजय सिंह के घर पहुंचे। स्थानीय कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी की बात सही है। अजय सिंह के परिजनों को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिला है। स्मित सिंह ने दावा किया अजय सिंह के परिजनों को सिर्फ बीमा की रकम मिली है, केंद्र सरकार की ओर से कोई मुआवजा नहीं मिला है।
मुआवजे की रकम को लेकर छिड़ा हुआ है विवाद
राहुल गांधी ने लोकसभा में अग्निवीर स्कीम को ‘यूज एंड थ्रो’ पॉलिसी बताया और कहा कि यह स्कीम स्थायी सैनिकों और अग्निवीर के बीच भेदभाव करती है। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया है कि अग्निवीर अजय सिंह को कोई मुआवजा नहीं मिला है। हालांकि केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अग्निवीरों को सरकार एक करोड़ का मुआवजा देती है, जो अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मजदूरी करके गुजारा करने वाले अग्निवीर अजय सिंह के पिता चरणजीत सिंह काला ने कहा कि हमें केवल बीमा राशि का 98 लाख मिला है। इसमें आर्मी की ओर से मिला 48 लाख का एक चेक है, जो इंश्योरेंस कवर है। मुआवजा नहीं। एक प्राइवेट बैंक ने 50 लाख दिया है। यह भी मेरे बेटे के नाम से ली गई बीमा की रकम है।
अजय के पिता बोले- मुआवजा नहीं, बेटा चाहिए
चरणजीत सिंह ने बताया कि इससे अलग पंजाब सरकार ने एक करोड़ का मुआवजा दिया है, लेकिन राजनाथ सिंह का दावा कि सरकार ने एक करोड़ रुपये दिए हैं। झूठ है कि उन्हें आर्मी या सरकार की ओर से कोई भी मुआवजा नहीं मिला है। राहुल गांधी की स्पीच के बाद आर्मी ने X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि अजय सिंह के परिजनों को 98 लाख का भुगतान किया गया है।
हालांकि आर्मी ने स्वीकारा कि मुआवजे का भुगतान अभी बकाया है। अजय सिंह के पिता का कहना है कि हमें कोई पैसा नहीं चाहिए, अगर सरकार मेरा बेटा मुझे लौटा देती है। वहीं स्मित सिंह ने कहा कि मुझे राहुल गांधी ने परिवार का ख्याल रखने की जिम्मेदारी दी है। मैं सुनिश्चित करूंगा कि उनकी सारी जरूरतें पूरी हों।