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मुंबई

सुनेत्रा पवार ने स्वीकार किया डिप्टी सीएम का प्रस्ताव, कल NCP विधायक दल की बैठक में लगेगी मुहर

31 जनवरी को होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठ में उन्हें आधिकारिक तौर पर विधायक दल का नेता चुने जाने पर मुहर लगेगी. इसके तुरंत बाद ही अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकती हैं.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Jan 30, 2026 20:17

महाराष्ट्र की सियासत में अजित पवार के निधन के बाद शुरू हुए सत्ता समीकरणों के बीच अब तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है. खबर है कि उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद का प्रस्ताव औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है. अब अगला कदम 31 जनवरी को होने वाली एनसीपी विधायक दल की बैठक है, जहां उन्हें आधिकारिक तौर पर विधायक दल का नेता चुने जाने पर मुहर लगेगी. इसके तुरंत बाद ही अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम पद की शपथ ले सकती हैं. डिप्टी सीएम के तौर पर सुनेत्रा पवार न केवल अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी, बल्कि बारामती और एनसीपी के समीकरणों को भी नया संतुलन देने पर काम करेंगी.

सुनेत्रा पवार ही क्यों?

एनसीपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल ने साफ संकेत दिया था कि विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को नेतृत्व सौंपने पर आम सहमति बनने की पूरी संभावना है. पार्टी के भीतर यह राय मजबूत हो रही है कि शोक की इस घड़ी में परिवार के भीतर से ही चेहरा सामने लाया जाए, ताकि संगठन में संदेश जाए कि नेतृत्व में निरंतरता बनी हुई है. यही वजह है कि सुनेत्रा पवार का नाम तेजी से आगे बढ़ा और उन्होंने भी प्रस्ताव को स्वीकार कर नई भूमिका के लिए सहमति दे दी.

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यह भी पढ़ें: कौन हैं सुनेत्रा पवार? बनेंगी NCP कोटे से महाराष्ट्र की नई डिप्टी CM

कौन होगा NCP का नया लीडर?


इसी बीच, एनसीपी के मंत्री बाबासाहेब पाटील ने भी नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है. उनके अनुसार, 31 जनवरी को सभी विधायकों को बैठक के लिए बुलाया गया है, जहां यह तय होगा कि आगे पार्टी की कमान किसके हाथ में रहेगी. पाटील ने यह भी इशारा किया कि दोनों एनसीपी गुटों (अजित पवार गुट और शरद पवार गुट) के शीर्ष नेता बड़े कद के हैं और पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि दोनों गुट फिर से एकजुट हों. इस संकेत ने विलय या किसी तरह की राजनीतिक एकता की संभावनाओं को और हवा दे दी है. फिलहाल नजरें विधायक दल की बैठक और संभावित शपथग्रहण पर टिकी हैं, जो महाराष्ट्र की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है.

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First published on: Jan 30, 2026 07:49 PM

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