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क्या सिया गोयल को बचाएगा ‘सोनम रघुवंशी’ जैसा ट्विस्ट! केतन अग्रवाल केस में सबूतों का टोटा

Siya Goyal Sonam Raghuvanshi Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है। बिना चश्मदीद और सीसीटीवी फुटेज के उलझी पुलिस को डर है कि कहीं सोनम रघुवंशी केस की तरह, तकनीकी खामियों के कारण आरोपी सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी कानून की गिरफ्त से न छूट जाएं। जानिए कैसे एक छोटी सी कानूनी चूक और सबूतों की कमी से आरोपी सिया गोयल बच सकती है।

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Siya Goyal Sonam Raghuvanshi Case: पुणे का हाई-प्रोफाइल केतन अग्रवाल हत्याकांड इस समय देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री बन चुका है। अपनी ही मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की खौफनाक साजिश का शिकार हुए केतन को इंसाफ दिलाना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बिना किसी चश्मदीद गवाह और सीसीटीवी फुटेज के फंसी पुणे पुलिस के इस समय पसीने छूट रहे हैं। अधिकारियों को सबसे बड़ा डर यह सता रहा है कि कहीं कानूनी लूपहोल का फायदा उठाकर सिया गोयल भी मेघालय के चर्चित ‘सोनम रघुवंशी’ मर्डर केस की तरह बच न निकले।

सोनम रघुवंशी केस से क्यों डरी है पुलिस?

हाल ही में मेघालय के प्रसिद्ध ‘हनीमून मर्डर केस’ की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को पुलिस की एक तकनीकी गलती की वजह से अदालत से जमानत मिल गई। पुलिस ने कागजी कार्रवाई में हत्या की सही धारा लगाने के बजाय धोखाधड़ी की धारा लिख दी थी, जिसका फायदा बचाव पक्ष को मिल गया। महाराष्ट्र पुलिस के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, पुणे पुलिस अब सिया गोयल के खिलाफ एक “फुलप्रूफ” चार्जशीट तैयार कर रही है ताकि अदालत में ऐसी कोई भी चूक न हो।

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सबूतों का टोटा और पुलिस की मजबूरी

केतन अग्रवाल मर्डर केस को अदालत में साबित करना पुलिस के लिए लोहे के चने चबाने जैसा है, क्योंकि पूरी कहानी केवल परिस्थितियों पर टिकी है

  • कोई चश्मदीद नहीं: केतन को लोहगढ़ किले की चट्टान से नीचे धक्का देते हुए किसी ने नहीं देखा।
  • सीसीटीवी में कुछ नहीं: किले के पास लगे कैमरों में आरोपी चेतन चौधरी हुडी पहने तो दिख रहा है, लेकिन हत्या की वारदात कैद नहीं है।
  • डमी टेस्ट भी कमजोर: पुलिस ने डमी पुतले से क्राइम सीन रीक्रिएट किया, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित करना मुश्किल है कि केतन को धक्का दिया गया था या वह खुद फिसला था।

पॉलीग्राफ टेस्ट और 2004 कॉल्स का राज

पुलिस अब सिया गोयल का लाई डिटेक्टकर टेस्ट कराने की तैयारी में है। हालांकि यह टेस्ट सीधे तौर पर अदालत में मान्य नहीं होता, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि इससे कुछ डिजिटल सुराग हाथ लगेंगे, जैसे सिया ने हत्या से पहले इंटरनेट पर लोहगढ़ किले की गहराई सर्च की थी या नहीं।

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जांच में सामने आया है कि पिछले 6 महीनों में सिया और उसके प्रेमी चेतन के बीच 2004 बार फोन पर बात हुई (करीब 238 घंटे)। हत्या वाले दिन (18 जून) भी दोनों किले पर जाने से पहले एक कैफे में मिले थे। इससे पहले बाली ट्रिप कैंसिल कराने के लिए सिया ने केतन का पासपोर्ट फाड़कर वॉशरूम में फेंक दिया था। फिलहाल कोर्ट ने दोनों आरोपियों की रिमांड बढ़ा दी है और पुलिस डिजिटल सबूत जुटाने में जुटी है।

First published on: Jul 01, 2026 03:09 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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