प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भारतीय किसानों को मिलता है। जिसमें उनको कुछ महीने के अंतराल पर सहायता राशि मिलती है। हाल ही में मिली जानकारी के मुताबिक, इस योजना का लाभ भारतीय लोगों के अलावा, कुछ बांग्लादेशी लोग भी ले रहे हैं। इस लोगों पर FIR दर्ज की गई है। इस योजना में नाशिक के करीब 181 लाभार्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इन लोगों ने खुद को यहां का निवासी होने का झूठा दावा कर इस योजना का लाभ लिया है। सभी लाभार्थी बांग्लादेशी लोगों के नाम की एक लिस्ट भी सामने आई है।
181 लोगों पर FIR
प्रधानमंत्री किसान योजना से भी बांग्लादेशियों को फायदा हुआ है। बीजेपी के नेता किरीट सोमैया ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री किसान योजना में बांग्लादेशी भी लाभार्थी बने हैं। यह सभी किसान गांव भादवण, तालुका कळवण, जिला नाशिक के हैं। इन लोगों ने खुद को इस गांव का निवासी बताया है। जांच में इन लोगों के बांग्लादेशी होने की जानकारी सामने आई है। इन सभी के खिलाफ 26 मार्च को FIR (नंबर 75) दर्ज की गई है। भारतीय दंड संहिता की धारा 417, 465, 468 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (D) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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किन लोगों का नाम?
7 मार्च को कळवण पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें दावा किया गया कि 181 बांगलादेशी नागरिकों ने नाशिक जिले के कळवण तालुका के भादवण गांव का निवासी होने का झूठा दावा कर लाभ लिया है। जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, उसमें सुक्तारा खातून, नजमुल हक, तस्लीमा खातून, इंताब, मोहम्मद हजरत, मोहम्मद रशिद आलम, अनिसा, अन्वरा, साहुद राजा, सलाम अली, अफीफा खातून, इशरत जहां, जुलेखा बीबी, मोहम्मद हनीफ, अख्तर हुसैन, खुशबू, मोहम्मद मंजरुल आलम, ताहेर आलम और सरीना खातून का नाम शामिल है।
Mumbai | 17 Bangladeshi nationals arrested for living illegally in India. The police are currently investigating them further as they could not provide proof of being Indian citizens: Police pic.twitter.com/dQgrC2ZdjR
— ANI (@ANI) March 27, 2025
इसके अलावा, भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में 17 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल इस मामले में आगे की जांच की जा रही है, क्योंकि वे भारतीय नागरिक होने का सबूत नहीं दे पाए हैं।
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