महाराष्ट्र के नासिक में पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है. त्र्यंबकेश्वर रोड पर तालेगांव इलाके के एक बंगले में चल रही कथित नकली नोट छापने की फैक्ट्री पर नासिक ग्रामीण और शहर पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मारा. यहां बड़े पैमाने पर नकली नोट छापने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नकली नोटों के साथ उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी जब्त किए हैं.

केमिकल प्रोसेस से ट्रांसफर करते थे असली स्याही

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का तरीका भी काफी अलग था. आरोपी असली नोटों की स्याही को एक खास रासायनिक प्रक्रिया के जरिए कागज पर ट्रांसफर कर नकली नोट तैयार करते थे. बताया जा रहा है कि पुलिस ने उस वक्त कार्रवाई की, जब 10 लाख रुपये के असली नोट लेकर 30 लाख रुपये के नकली नोट देने का सौदा किया जा रहा था. कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तेलंगाना के अमरेश्वर ऐथा और दासरी सत्यैया, तालेगांव के गोकुल डेट और हिरामन डेट तथा सातपुर निवासी मच्छिंद्र घंडात के रूप में हुई है.

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बंगले में तैयार किए जा रहे थे नकली नोट

पुलिस को सूचना मिली थी कि तालेगांव गांव में त्र्यंबकेश्वर रोड स्थित एक बंगले में नकली नोट तैयार किए जा रहे हैं. सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी. तलाशी के दौरान नकली नोट और उन्हें तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद हुआ.

अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच की जा रही है कि गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, नकली नोट कहां तैयार किए जाते थे और इन्हें नासिक के अलावा किन इलाकों में खपाया जा रहा था.
पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद नकली नोटों के इस नेटवर्क से जुड़े कई और राज सामने आ सकते हैं.

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