मुंबई की सड़कों पर ‘वीआईपी बनने का शौक’ अब महंगा पड़ने लगा है. निजी गाड़ियों पर लाल, पीली या नीली बत्ती और सायरन लगाकर रौब झाड़ने वालों पर मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा ब्रेक लगाया कि कई ‘फर्जी वीआईपी’ सीधे लाइन पर आ गए.
ढेर सारी शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने 1 और 2 अप्रैल को अभियान चलाकर ऐसी 80 गाड़ियों पर एक्शन लिया. जिन गाड़ियों पर फ्लैशिंग लाइट्स लगी थीं, उन्हें मौके पर ही हटवाया गया और साथ में भारी जुर्माना भी लगाया गया.
फिलहाल पुलिस ने इन गाड़ियों के ड्राइवरों को चेतावनी देकर छोड़ दिया है. लेकिन साफ हिदायत दी है कि ‘अगली बार सिर्फ चालान नहीं, सीधा मामला दर्ज होगा.’ इतना ही नहीं, दोबारा गलती करने पर लाइसेंस तक रद्द करवाने की सिफारिश आरटीओ को भेजी जाएगी.
बता दें, इन नकली बत्तियों और सायरन का खेल सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं था. ट्रैफिक में ये लोग सायरन बजाकर ऐसे रास्ता बनाते थे जैसे कोई इमरजेंसी हो, और बाकी लोग बस देखते रह जाते थे. इससे आम जनता को परेशानी तो होती ही थी, साथ ही पुलिस और असली इमरजेंसी वाहनों के बीच भी कन्फ्यूजन पैदा होता था.
इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है. मुंबई पुलिस ने भी जनता से अपील की है – अगर कहीं भी ‘फर्जी वीआईपी’ वाली गाड़ी दिखे, तो तुरंत जानकारी दें.










