Meri Ladli Behen Yojana Latest Update: महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना शिंदे और NCP अजीत पवार के गठबंधन वाली महायुति को विधानसभा चुनाव 2024 में जीत दिलाने वाली मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना की समीक्षा शुरू हो चुकी है। सरकारी योजना का 2 बार लाभ लेने वाली धुलिया जिले के नकाणे गांव में रहने वाली खैरनार नामक लाडली बहन के 5 महीने के 7 हजार 500 रुपए सरकारी तिजोरी में वापस जमा कर दिए गए हैं।
दरअसल मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना के नियमों को ताक पर रखकर लाभ लेने वालों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। लाड़ली बहन योजना जब महाराष्ट्र में लागू की जाने वाली थी, तब उसके कुछ नियम तय हुए थे, लेकिन चुनाव के देखते हुए सरकार ने सभी बहनों के आवेदनों को मंजूरी दे दी थी।
सभी 36 जिलों में आवेदनों की जांच जारी
अब महायुति सरकार के आने के बाद लाड़ली बहन योजना की समीक्षा करने का फैसला किया गया, जिसके तहत योजना के लिए आए आवेदनों की जांच पड़ताल का फैसला महिला और बाल कल्याण मंत्री आदिती तटकरे ने लिया। धूलिया जिले के नकाणे गांव की से जिस महिला से लाडली बहन योजना के पैसे वापस लिए गए, उस महिला ने 2 सरकारी योजनाओं का फायदा लिया, जिसमें से एक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना भी थी।
मौजूदा समय में महाराष्ट्र के सभी 36 जिलों में लाड़ली बहन योजना के आवेदनों की जांच चल रही है। सरकार ने लाडली बहनों से कहा था कि समीक्षा होने पर पैसे वापस नहीं लिए जाएंगे, लेकिन सरकार अपने वादे पर टिकी नहीं। सरकार ने विधानसभा चुनाव में भरभरकर वोट डालने वाली लाड़ली बहनों को फिर से आश्वसत किया है कि जिन लाभार्थियों के पास दोपहिया गाड़ी है, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलता रहेगा।
समीक्षा में कई महिलाओं के कट सकते नाम
महिला और बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने नियम स्पष्ट करते हुए कि योजना के लिए दिए गए आवेदनों की जांच जारी है। अगर किसी लाभार्थी महिला के खिलाफ शिकायत मिली तो उसके आवेदन की जांच भी की जाएगी। योजना के लिए तय नियमानुसार जो महिलाएं योजना के लिए पात्र नहीं होगी, उन्हें अयोग्य करार दिया जाएगा। बिना शिकायत के किसी आवेदन की जांच नहीं करेंगे, लेकिन शिकायत मिली तो जांच जरूर होगी।
जांच के दौरान अगर किसी महिला की सालाना आय ढाई लाख रुपये से ऊपर मिली तो वह महिला योजना के लिए पात्र नहीं होगी और उसका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। 4 पहिया वाहन हुआ तो भी महिला स्कीम के लिए पात्र नहीं होगा। प्रदेश में ही ब्याही गई विवाहित महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। आधार कार्ड और बैंक में नाम अलग-अलग होने पर भी आवेदनकर्ता महिला को अयोग्य करार दिया जाएगा।