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CBI की FIR में नाम आने पर बोले आदित्य ठाकरे, जानिए दिशा सालियान के बारे में क्या कहा?

दिशा सालियन की मौत के मामले में सीबीआई ने हाल ही में आदित्य ठाकरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसके बाद पहली बार शिवसेना (यूबीटी) के नेता का बयान आया है. उन्होंने अपने ऊपर आरोप को कैरेक्टर एसेसिनेशन की कोशिश बताया है.

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Aaditya Thackeray On Disha Salian: शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन की 2020 में हुई मौत के मामले में CBI की नई FIR पर अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने सालियन के साथ किसी भी तरह के रिश्ते से इनकार किया है और अपने खिलाफ बार-बार लगाए जा रहे आरोपों को अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया है.

आदित्य ठाकरे ने किया रिएक्ट

बुधवार,16 जुलाई 2026 को ‘X’ पर पोस्ट किए गए एक बयान में ठाकरे ने कहा कि वो कभी भी सालियन से नहीं मिले और न ही उन्हें जानते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि कई सालों से इस मामले में उनका नाम बिना किसी सबूत के और राजनीतिक और निजी कारणों से जोड़ा जा रहा है.

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CBI ने नई जांच शुरू की

CBI ने 13 सितंबर को FIR दर्ज की. ये कदम बॉम्बे हाई कोर्ट की तरफ से दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन की याचिका पर नई जांच के आदेश के बाद उठाया गया. शिकायत में गैंगरेप, हत्या, साजिश और मामले को कवर-अप के आरोप शामिल हैं.

अहम बात यह है कि FIR में नाम आने का मतलब ये नहीं है कि इंसान को आरोपी मान लिया गया है. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि जब तक जांचकर्ताओं को उचित संदेह के लिए पर्याप्त आधार न मिलें, तब तक किसी शख्स को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए.

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जून 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद दिशा सालियन की मौत हो गई थी. पुलिस की शुरुआती जांच में मौत को खुदकुशी माना गया और किसी भी तरह की गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला. बाद में राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) भी इसी नतीजे पर पहुंची.

सबूतों को छिपाने का आरोप

सतीश सालियन की शिकायत में आदित्य ठाकरे सहित कई राजनेताओं, पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की मांग की गई है. इसमें ये भी आरोप लगाया गया है कि मामले से जुड़े रिकॉर्ड और सबूतों को दबाया गया, उनमें बदलाव किया गया या उन्हें मिटा दिया गया.

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शिकायत में जांच के लिए कई और पब्लिक फिगर्स और अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं. ये आरोप CBI की चल रही जांच का हिस्सा हैं और अभी तक अदालत में साबित नहीं हुए हैं. ठाकरे ने मांग की है कि जांच बिना किसी राजनीतिक रुकावट के आगे बढ़े. उन्होंने कहा कि मीडिया में होने वाली बहस और आरोपों से सच्चाई नहीं बदलेगी. CBI अब नई जांच के तहत पुराने रिकॉर्ड, फोरेंसिक मैटेरियल, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की समीक्षा कर रही है.

First published on: Sep 16, 2026 08:21 PM

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