हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा-2023 फर्जीवाड़े को लेकर सीएम मोहन यादव सख्त, बोले- बर्दाश्त नहीं किया जाएगा अन्याय

MP पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा हुआ है। कई अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर ने परीक्षा दी। अब तक 16 एफआईआर दर्ज और 24 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
मध्य प्रदेश सीएम मोहन यादव (फोटो सोर्स- @DrMohanYadav51/X)

साल 2023 में आयोजित मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 7411 पदों पर हुई इस परीक्षा में सॉल्वर गैंग की संलिप्तता सामने आई है। वेरिफिकेशन के दौरान यह पाया गया कि कई अभ्यर्थियों की जगह किसी और ने परीक्षा दी थी।

जांच में सामने आया कि कई परीक्षार्थियों ने परीक्षा से पहले और बाद में आधार कार्ड में बायोमेट्रिक अपडेट करवाया था। इससे यह संदेह पुख्ता हुआ कि असली अभ्यर्थी की जगह किसी सॉल्वर ने परीक्षा दी थी। दस्तावेजों में भिन्नता मिलने पर कई जिलों में जांच शुरू की गई। अब तक इस मामले में 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 24 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि पुलिस आरक्षक भर्ती -2023 की प्रक्रिया में फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की सूचना मिलने पर मैंने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस प्रकार के आपराधिक कृत्य, जिनमें योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता है, मध्यप्रदेश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

विज्ञापन


उन्होंने आगे लिखा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा स्वत: संज्ञान लेते हुए सभी सफल अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक डाटा और आधार हिस्ट्री की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया इम्परसोनेशन पाए जाने पर अभ्यर्थियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यह तय माना जा रहा है कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच अभी जारी है और फर्जी तरीके से परीक्षा पास करने वालों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कैसे हुआ था फर्जीवाड़ा?

दरअसल वेरिफिकेशन के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जब जांच हुई तो कुछ जिलों के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में भिन्नता मिली। इसके बाद जांच कराई तो पता चला कि लिखित परीक्षा पहले कुछ अभ्यर्थियों ने अपने आधार कार्ड के बायोमेट्रिक को अपडेट करावाया था। इसके बाद लिखित परीक्षा हो जाने के बाद दोबारा बायोमेट्रिक अपडेट करवाया गया था। इस तरह परिक्षा में अभ्यर्थी ना बैठकर उनकी जगह सॉल्वर बैठने में सफल हो गए। मामले की अब विस्तृत जांच की जा रही है और गड़बड़ी मिलने पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी हो रही है

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola