Katni Police Neha Pachisia Suspended: कटनी की सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस नेहा पच्चीसिया को सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक परिवार पर तकरीबन 83 लाख रुपये की जमीन को सिर्फ 18.20 लाख रुपये में बेचने का दबाव डाला. इस मामले ने पुलिस के रसूख के कथित गलत इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
एविएशन से पुलिस सर्विस तक
नेहा पच्चीसिया ने 12वीं के बाद एयर इंडिया में केबिन क्रू मेंबर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. बाद में वो पब्लिक सर्विस में आ गईं और 2012 में मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (MPPSC) की परीक्षा दी. 2016 के नतीजों में उन्होंने 20वीं रैंक हासिल की और राज्य पुलिस में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर शामिल हुईं, जिसके बाद वो कटनी में सीएसपी बनीं.
जांच करने वालों के मुताबिक, विवादित प्रॉपर्टी रमेश लोधी की थी, जो हत्या के एक मामले में जेल में बंद थे. अधिकारियों का आरोप है कि उनके परिवार पर प्रॉपर्टी बेचने का दबाव डाला गया; इस प्रॉपर्टी की रिकॉर्डेड कीमत 82.86 लाख रुपये थी, लेकिन इसे सिर्फ 18.20 लाख रुपये में बेचा गया.
पैसे के लेन-देन में गड़बड़ी
खबरों के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के कागजात से पता चलता है कि 15 लाख रुपये का भुगतान चेक से और 3.20 लाख रुपये का नकद किया गया था. जांच में पता चला कि खरीदार मारूफ अहमद हनफी के बैंक अकाउंट में 11 जुलाई, 2025 को सिर्फ 3036 रुपये थे. हालांकि, रजिस्ट्रेशन की तारीख, यानी 15 अप्रैल, 2026 को उनके अकाउंट में 15 लाख रुपये जमा हुए.
जांच में पता चला कि 10 लाख रुपये ‘शाइन पार्टनर्स’ से और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे से आए थे, जो खुद भी एक आरोपी हैं. जांच करने वालों ने ये भी पाया कि ‘शाइन पार्टनर्स’ और बारापात्रे के अकाउंट एक ही PAN से जुड़े थे. बारापात्रे कथित तौर पर पच्चीसिया के रिश्तेदार, सहयोगी या बिजनेस पार्टनर हैं. भोपाल विजिलेंस ब्रांच की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में धोखाधड़ी, जबरदस्ती और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं.
वसूली का एक और आरोप
पच्चीसिया के खिलाफ ये कार्रवाई ट्रांसपोर्ट बिजनेसमैन महेंद्र जैन की एक अलग शिकायत के बाद की गई है. उन्होंने आरोप लगाया था कि चेकिंग के दौरान उनका ट्रक रोके जाने के बाद उनसे 30,000 की मांग की गई थी. इस मामले में एक कॉन्स्टेबल-ड्राइवर को सस्पेंड किया गया और जांच के आदेश दिए गए. सीएम मोहन यादव ने पच्चीसिया को सस्पेंड करने और निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं. सस्पेंशन के दौरान वो भोपाल में पुलिस हेडक्वार्टर से जुड़ी रहेंगी.
हाई कोर्ट से राहत का इंतजार
नेहा पच्चीसिया ने राहत पाने के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन उन्हें अंतरिम सुरक्षा नहीं मिली. जांचकर्ता अब आरोपों की पूरी सच्चाई का पता लगाएंगे और ये भी देखेंगे कि जमीन के सौदे में पुलिस के अधिकार का गलत इस्तेमाल हुआ था या नहीं.