CM शिवराज और सिंधिया ने माधव नेशनल पार्क में छोड़े टाइगर, 27 साल बाद फिर सुनाई देगी दहाड़

CM Shivraj Jyotiraditya Scindia: विपिन श्रीवास्तव। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व माधवराव सिंधिया के जन्मदिन पर शिवपुरी जिले में स्थित माधव नेशनल पार्क में 27 साल बाद फिर से बाघों को छोड़ा गया है। CM शिवराज और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो बाघों को पार्क में रिलीज किया। जिन दो टाइगर को पार्क में छोड़ा […]

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CM Shivraj Jyotiraditya Scindia: विपिन श्रीवास्तव। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व माधवराव सिंधिया के जन्मदिन पर शिवपुरी जिले में स्थित माधव नेशनल पार्क में 27 साल बाद फिर से बाघों को छोड़ा गया है। CM शिवराज और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दो बाघों को पार्क में रिलीज किया। जिन दो टाइगर को पार्क में छोड़ा गया है इनमें से एक बाघिन को बांधवगढ़ और एक बाघ को सतपुड़ा से लाया गया है।

27 साल बाद लौटे बाघ

बताया जा रहा है कि छोड़ना 3 बाघों को था, लेकिन ऐन मौके पर पन्ना से आने वाली बाघिन बीती रात पन्ना नेशनल पार्क से भाग गई, जिसे शुक्रवार सुबह पकड़ लिया गया, लेकिन वो घायल हो गई। ऐसे में अब उसे ठीक होने के बाद छोड़ा जाएगा। खास बात यह है कि एक वक्त इस पार्क में बहुत बाघ होते थे, लेकिन धीरे-धीरे बाघों की संख्या कम हो गई और बाघ पार्क में बचे ही नहीं। लेकिन अब फिर से बाघों को 27 साल बाद यह बसाने की कवायद शुरू हो गई है।

वहीं फिर से बाघों को छोड़े जाने पर सीएम शिवराज ने कहा कि ‘आज का दिन शिवपुरी तथा मध्यप्रदेश के लिए ऐतिहासिक है। बाघों के पुनर्स्थापन से पर्यटन की संभावनाओं को नई उड़ान मिलेगी। शिवपुरी में बाघों का आना वाइल्ड लाइफ व पर्यावरण के प्रति हमारे संकल्प को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। क्षेत्र की जनता को बहुत-बहुत बधाई।’

सिंधिया ने बताया ऐतिहासिक सौगात

वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे ऐतिहासिक सौगात बताया, उन्होंने कहा कि ‘मेरे पूज्य पिताजी माधवराव सिंधिया जी की जयंती के अवसर पर, आज सतपुरा और बांधवगढ़ से लाए गए एक बाघ और बाघिन, माधव राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। निश्चित रूप से इन बाघों के आने से पूरे शिवपुरी जिले के पर्यटन उद्योग को बल मिलेगा।

सिंधिया ने कहा कि तीन टाइगर आने के बाद जिससे ग्वालियर चंबल संभाग में टूरिज्म का एक नया कॉरिडोर में बन रहा है, रणथंबोर राजस्थान से टूरिस्ट कूनो आएगा, कूनो में उसे चीते मिलेंगे, उसके बाद शिवपुरी आएगा तो माधव नेशनल पार्क में टाइगर मिलेंगे और उसके बाद पन्ना माधव नेशनल पार्क में वाइल्डलाइफ के प्राणियों को देखेगा, यानी अब टूरिज्म का नया कॉरिडोर स्थापित हो गया है। मेरे पूज्य पिताजी का सपना कल के कार्यक्रम से पूरा हुआ है।

बता दें कि शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में 27 साल बाद एक बार फिर से टाइगर की दहाड़ सुनाई देगी। माधव नेशनल पार्क में 1990- 91 तक यहां काफी संख्या में टाइगर हुआ करते थे, लेकिन अंतिम बार 1996 में यहां टाइगर देखा गया था। अब माधव नेशनल पार्क एक बार फिर से बाघों से आबाद हो गया है। बताया जा रहा है कि जल्द ही यहां और भी बाघ लाए जाएंगे।

First published on: Mar 10, 2023 06:42 PM

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