Thursday, 29 February, 2024

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हम जिंदा हैं हुजूर..तहसील के क्यों चक्कर लगा रहे 4 सगे भाई? मामला जान खिसक जाएगी ‘जमीन’

MP News Hindi: बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले से बेहद अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां चार लोग अपने जीवित (जिंदा) होने का सबूत देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। चारों रिश्ते में आपस में भाई हैं जिनकी पहचान जिले के नांगलवाड़ी निवासी जाकिर खान, रहमान खान, सादिक खान, […]

Edited By : Yashodhan Sharma | Updated: Nov 17, 2022 18:38
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MP News Hindi: बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले से बेहद अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां चार लोग अपने जीवित (जिंदा) होने का सबूत देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। चारों रिश्ते में आपस में भाई हैं जिनकी पहचान जिले के नांगलवाड़ी निवासी जाकिर खान, रहमान खान, सादिक खान, रहमत खान के रूप में हुई है। सभी खुद को जिंदा साबित करने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

जमीन के लिए चचेरे भाइयों को किया मृत घोषित

दरअसल, पूरा मामला यह है कि उक्त चारों लोगों की पैतृक जमीन नांगलवाड़ी में है। उक्त भूमि पर कुल 11 लोगों का मालिकाना हक था जिसमें से 3 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इनायत खान द्वारा उक्त जमीन को अपने नाम करा लिया गया। इसके लिए इनायत ने अपने चारों चचेरे भाई रहमत खान, जाकिर खान, सादिक खान और रहमान खान को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने चारों लोगों के कोई वारिस नहीं होना बताकर जमीन को अपने नाम कर लिया।

चार साल से परेशान हैं चारों भाई

मामला 2018 का है, वहीं जब इस बात की भनक उक्त चारों भाइयों को लगी जिसके पश्चात वह कई बार आवेदन और निवेदन करने शासकीय कार्यालय जा चुके हैं। अभी तक उक्त प्रकरण में कोई भी निष्कर्ष नहीं निकला है। चारों लोग स्वयं को जिंदा घोषित करने की जद्दोजहद में लगे हैं।

नहीं हो रही कोई भी सुनवाई

जाकिर बताते हैं कि 2018 में हमको मृत घोषित कर हमारे ताऊ के लड़के इनायत खान ने जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम करवा लिया। उसके बाद से लगातार हम चारों भाई तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन यहां हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

इनायत द्वारा धोखाधड़ी से 51 डिसमिल जमीन अपने नाम करवा ली, लेकिन हम जिंदा आदमी को देख कर भी अधिकारी जिंदा नहीं मान रहे हैं। इसके लिए हम पर्याप्त सबूत भी अधिकारियों को दे चुके हैं। फिर भी हम पिछले 4 सालों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

First published on: Nov 17, 2022 06:32 PM

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