विधानसभा घेराव मार्च में भाग ले रहे एक युवक ने कहा कि सरकार ने जितनी भी मांगें रखी हैं, उनमें से दो पर कोई बात नहीं कर रहा है, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और 11वीं-13वीं जेपीएससी की सीबीआई जांच. ऐसा लगता है कि सरकार कुछ करने का इरादा नहीं रखती. उन्होंने इसे अच्छे दाम पर बेच दिया होगा.
भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ मेहतो को भी प्रदर्शनकारी अपने साथ विधानसभा का घेराव करने के लिए ले गए हैं. उन्हें एंबुलेंस से विधानसभा का घेराव करने के लिए ले जाया गया है. इस तरह वे भी प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ मार्च में शामिल हो रहे हैं.
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रांची में विधानसभा का घेराव करने के लिए निकले प्रदर्शनकरियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं. पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक के रास्ते में 6 जगह बैरिकेडिंग की गई है और प्रदर्शनकारी छात्र पहली बैरिकेडिंग पार करके आगे बढ़ गए हैं.
रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा, “यह सरकार की विफलता है. उन्हें (परीक्षा रद्द करने की) मांग मान लेनी चाहिए थी… सरकार ने कई मांगें मानी हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं. लेकिन मुख्य मांग JSSC-CGL परीक्षा (को रद्द करने) के बारे में है. इसमें सबसे ज़्यादा गड़बड़ियां हुईं. अभय तिवारी ने माना है कि उन्होंने लगभग 400 उम्मीदवारों का चयन करवाया…”
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विधानसभा घेराव मार्च में शामिल एक छात्र ने कहा, “हमें यहां रोका गया है, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा की ओर बढ़ेंगे. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम नहीं रुकेंगे. हमारी मांग है कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द की जाए और इसकी CBI जांच हो…”
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा, “कल जब प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों के साथ छात्रों की बैठक हुई तो बैठक के तुरंत बाद छात्रों और मंत्रियों ने कहा कि 98% मांग मान ली गई है. छात्रों ने भी इसे स्वीकार किया, लेकिन बाद में जब वे बैठे तो कुछ राजनीतिक दल जो उन्हें धकेल रही है शायद उन्हीं के कहने पर आज विरोध हो रहा है. क्योंकि जो 2% मांग बची है वे इस पर बची है कि एक परीक्षा जिसका परिणाम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश पर आया था और बहुत लोगों को नौकरी भी मिली है. सरकार के हाथ में नहीं है कि वे उस परीक्षा को रद्द करें जब तक कोर्ट का आदेश ना हो…छात्रों से सरकार अनुरोध कर रही है कि वे विरोध मार्च ना करें.”
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रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए हैं. वे बैरिकेडिंग से आगे निकलकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन वे शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे हैं.
रांची में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं, वहीं राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास को घेर लिया है. पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं को हटा रही है, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं की हेमंत सरकार के खिलाफ नारेबाजी जारी है.
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झारखंड की राजधानी रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों का विधानसभा मार्च शुरू हो गया है. मोरहाबादी मैदान से छात्रों की भीड़ विधानसभा कूच के लिए निकल गई है, जिन्हें निकलते ही पुलिस ने रोक लिया. पुलिस ने बैरिकेडिंग करके प्रदर्शनकारियों को रोका तो वे सड़क पर ही बैठ गए और विरोधी नारेबाजी करने लगे. कुछ प्रदर्शनकारी पुरानी विधानसभा भी पहुंचे, जहां से उन्होंने नई विधानसभा के लिए कूच किया. प्रदर्शनकारियों के हाथों में पोस्टर्स हैं, जिनपर लिखा है- ‘जब तक तोड़ेंगे नहीं, तब तक छोड़ेंगे नहीं.’
14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई धांधली और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ईडी ने मामला दर्ज किया है. ईडी ने झारखंड CID से इस कांड से सम्बंधित दस्तावेजों की पड़ताल शुरू करने को कहा है. झारखंड सरकार ने कहा था कि वे परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच कराने को तैयार हैं, इसजिए यह कार्रवाई की गई है.
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हेमंत सोरेन सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच बीते दिन रविवार को मुलाकात हुई. इसके बाद छात्र नेता कुणाल ने मीडिया को बताया कि प्रदर्शनकारी CBI जांच पर समझौता नहीं करेंगे. इसलिए अब हमारा विधानसभा घेराव का कार्यक्रम है और मार्च शांतिपूर्ण ढंग से होगा. जब तक हमारी CBI जांच की मांग पूरी नहीं होगी, तब तक कोई समझौता नहीं करेंगे.
रांची के सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. अगर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे तो कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन अगर उत्पात मचाया और हिंसा की कोशिश हुई तो सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘पैलेट गन’ की खबरों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस पैलेट गन नहीं बल्कि ‘पेंटबॉल गन’ से नजर रखेगी. आपात स्थिति में हुड़दंगियों पर सॉफ्ट कलर बॉल मारकर उनकी पहचान की जाती है.
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प्रदर्शनकारी छात्रों और हेमंत सोरेन सरकार के बीच वार्ता के बाद JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. झारखंड लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ होगी.
रांची प्रशासन और पुलिस विभाग ने विधानसभा का घेराव करने जा रहे प्रदर्शनकारियों छात्रों को चेतावनी दी है कि वे उत्पात मचाने का प्रयास न करेंगे और किसी भी गैर-कानूनी या उग्र प्रदर्शन में शामिल न हो, अन्यथा छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हंगामा करते हुए पाए जाने पर भविष्य में मिलने वाली सरकारी नौकरियों, निजी कंपनियों के अवसरों और ठेकों पर असर पड़ेगा.
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झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बैठक फेल हो गई है. लेकिन सरकार की ओर से दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री ने छात्रों की 98% मांगें मान ली हैं. सरकार ने JPSC-PT परीक्षा रद्द करनेकी मांग पर सहमति जता दी है. सरकार 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और मामले की जांच के लिए तैयार है. छात्रों की दूसरी मांगों पर भी सरकार ने सहमति जताई है.
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच कराने की मांग पर सहमति नहीं बन पाई है. उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने छात्र प्रतिनिधियों से कहा कि CGL परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कराई गई थी. रिजल्ट निकल चुका है और चुने गए अभ्यर्थियों को पोस्टिंग भी मिल गई है, इसलिए एग्जाम को अब रद्द करना संभव नहीं है. लेकिन आरोपों की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराई जाएगी.
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Ranchi Students Assembly March Live Updates: झारखंड में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC-CGL में धांधली के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जो आज 'महासंग्राम' में बदल गया है. क्योंकि हेमंत सोरेन के साथ तीसरे दौर की वार्ता भी फेल हो गई है, जिसके बाद छात्रों ने विधानसभा के घेराव का ऐलान किया. आज सुबह 9 बजे प्रदर्शनकारी छात्र रांची के मोरहाबादी मैदान से विधानसभा घेराव के लिए निकले. 5000 से ज्यादा स्टूडेंट्स जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे, जो आज विधानसभा तक मार्च करके अपनी मांगें मंगवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
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प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस की तैयारी
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों से विधानसभा का घेराव न करने की अपील कर रही है, लेकिन छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, इसलिए सरकार ने पुलिस विभाग को प्रदर्शनकारियों के विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए पुलिस प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा से मोरहाबादी मैदान से विधानसभा तक जगह-जगह कंटीले तार लगाए गए हैं. स्टेडियम से विधानसभा तक BNS की धारा 163 लागू कर दी है. थ्री लेयर सिक्योरिटी है और स्टेडियम से विधानसभा तक मार्च के पूरे रास्ते की CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है.
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रांची में आज प्रदर्शनकारी छात्रों के विधानसभा मार्च से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ...
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