हरियाणा के जींद के एक परिवार में खुशी का माहौल है और इसकी वजह है 9 बेटियों के बाद जन्मा बेटा. उचाना कलां में रहने वाले सुरेंद्र काफी सालों से ये मन्नत मांग रहे थे कि उनकी बेटियों को भाई मिल जाए और आखिरकार भगवान ने उनकी सुन ली. 9 बेटियों के बाद उनकी पत्नी रीतू ने एक बेटे को जन्म दिया. नन्हे मेहमान के आने से परिवार काफी भावुक भी हो गया. पिता ने अपने शहजादे का नाम दिलखुश रख दिया.
परिवार ने अस्पताल में मनाया जश्न
रीतू की डिलीवरी करने वाले डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि वो 9 बेटियों को जन्म दे चुकी हैं. अब 38 साल की उम्र में 10वां बच्चा, लड़का हुआ है. जैसे ही नागरिक अस्पताल में बेटे के जन्म की खबर मिली, परिवार और रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अस्पताल परिसर में मिठाईयां बांटी गई और जश्न मनाया गया.सुरेंद्र के परिवार में शादी के 24 साल और 9 बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ है. सुरेंद्र के बड़े भाई की भी तीन बेटियां हैं, उनका भी कोई बेटा नहीं है. परिवार ये सोचकर काफी खुश है कि 12 बहनों को भाई मिल गया है. सभी बहनें भी अपने भाई के आने से बेहद उत्साहित हैं. उनका कहना है कि 23 साल बाद उनके घर भाई आया है, इस खुशी को बयां नहीं किया जा सकता.
पहले भी 10 बेटियों के बाद पैदा हुआ बेटा
इससे कुछ दिन पहले भी उचाना में एक महिला ने 10 बेटियों के बाद एक बेटे को जन्म दिया था.कई साल के लंबे इंतजार के बाद बेटे का पैदा होना भले ही परिवार के लिए खुशी की बात है. लेकिन ये इस बात को दर्शाता है कि आज भी लोगों के लिए बेटे का पैदा होना कितना मायने रखता है. एक तरफ सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चला रही है और दूसरी तरफ बेटे की चाह में एक महिला 10 बार बच्चे पैदा कर रही है. ये घटना अभी भी कई तरह के सवालिया निशान खड़े कर रही है.
हरियाणा के जींद के एक परिवार में खुशी का माहौल है और इसकी वजह है 9 बेटियों के बाद जन्मा बेटा. उचाना कलां में रहने वाले सुरेंद्र काफी सालों से ये मन्नत मांग रहे थे कि उनकी बेटियों को भाई मिल जाए और आखिरकार भगवान ने उनकी सुन ली. 9 बेटियों के बाद उनकी पत्नी रीतू ने एक बेटे को जन्म दिया. नन्हे मेहमान के आने से परिवार काफी भावुक भी हो गया. पिता ने अपने शहजादे का नाम दिलखुश रख दिया.
परिवार ने अस्पताल में मनाया जश्न
रीतू की डिलीवरी करने वाले डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि वो 9 बेटियों को जन्म दे चुकी हैं. अब 38 साल की उम्र में 10वां बच्चा, लड़का हुआ है. जैसे ही नागरिक अस्पताल में बेटे के जन्म की खबर मिली, परिवार और रिश्तेदारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. अस्पताल परिसर में मिठाईयां बांटी गई और जश्न मनाया गया.सुरेंद्र के परिवार में शादी के 24 साल और 9 बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ है. सुरेंद्र के बड़े भाई की भी तीन बेटियां हैं, उनका भी कोई बेटा नहीं है. परिवार ये सोचकर काफी खुश है कि 12 बहनों को भाई मिल गया है. सभी बहनें भी अपने भाई के आने से बेहद उत्साहित हैं. उनका कहना है कि 23 साल बाद उनके घर भाई आया है, इस खुशी को बयां नहीं किया जा सकता.
पहले भी 10 बेटियों के बाद पैदा हुआ बेटा
इससे कुछ दिन पहले भी उचाना में एक महिला ने 10 बेटियों के बाद एक बेटे को जन्म दिया था.कई साल के लंबे इंतजार के बाद बेटे का पैदा होना भले ही परिवार के लिए खुशी की बात है. लेकिन ये इस बात को दर्शाता है कि आज भी लोगों के लिए बेटे का पैदा होना कितना मायने रखता है. एक तरफ सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान चला रही है और दूसरी तरफ बेटे की चाह में एक महिला 10 बार बच्चे पैदा कर रही है. ये घटना अभी भी कई तरह के सवालिया निशान खड़े कर रही है.