दिल्ली में दोस्त ही बने दोस्त के लिए काल, हाथों में सोने की अंगूठियां और सोने की चेन बनी मौत की वजह

दिल्ली के द्वारका में दोस्त के हाथों में सोने की अंगूठी और गले में चेन देखकर लालच में दोस्तों ने साजिश रची. दोस्त को कमरे में बुलाकर पैसों की डिमांड की और उसके बाद हत्या करके शव के टुकड़े कर यमुना में फेंक दिए. शव के टुकड़े ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग बोरे का इस्तेमाल किया. उन बोरों में शव के टुकड़े भरे जबकि हत्या करने के बाद मृतक का फोन अपने कब्जे में लेकर ऑन रखा, ताकि लोगों को लगे कि वो जीवित है.

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दिल्ली के द्वारका में दोस्त के हाथों में सोने की अंगूठी और गले में चेन देखकर लालच में दोस्तों ने साजिश रची. दोस्त को कमरे में बुलाकर पैसों की डिमांड की और उसके बाद हत्या करके शव के टुकड़े कर यमुना में फेंक दिए. शव के टुकड़े ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग बोरे का इस्तेमाल किया. उन बोरों में शव के टुकड़े भरे जबकि हत्या करने के बाद मृतक का फोन अपने कब्जे में लेकर ऑन रखा, ताकि लोगों को लगे कि वो जीवित है. कातिलों ने चालाकी तो बहुत दिखाई यहां तक कि पुलिस को चकमा देने के लिए जब शव ठिकाने लगाने जा रहे थे तो मथुरा की तरफ जाते हुए अपना फोन भी साथ नहीं रखा ताकि पुलिस जांच में ट्रैक न कर सके.

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हत्या के बाद मृतक की गाड़ी में ही उसके शव को वृंदावन जाते समय यमुना नदी में फेंक दिया.

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दिल्ली पुलिस के द्वारका जिले की नारकोटिक्स टीम ने इस ब्लाइंड केस का खुलासा कर दिया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक 18 फरवरी को अनुरूप गुप्ता को उसके एक दोस्त ने बिंदापुर इलाके में किराए के कमरे में बुलाया और 19 को अपने साथियों से मिलकर उसकी हत्या कर दी. अनुरूप गुप्ता (48 साल) छत्तीसगढ़ भवन में कैंटीन चलाता था. उसे हाथों में सोने की अंगूठियां और गले में चेन पहनने का शौक था. लेकिन उसका यही शौक और टशन उसकी हत्या की वजह बन गई.

हत्यारों ने उसका मोबाइल फोन ऑन रखा और लगातार लोगों को मैसेज के जरिए बातचीत करते रहे ताकि सभी को लगे कि वो जिंदा है. 4 दिन तक उससे रिश्तेदारों की बात नहीं हुई तो मृतक की बहन ने पुलिस को 23 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज करवाई.

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द्वारका के छत्तीसगढ़ भवन की कैंटीन में 48 साल के अनुरूप गुप्ता आखिरी बार देखे गए. बाहर उनकी Kia Altos खड़ी थी… लेकिन उन्हें नहीं पता था कि चार लोगों ने उनके लिए मौत का जाल बिछा रखा है.

रात होते ही अनुरूप गुप्ता गायब हो गए. उनकी गाड़ी मथुरा टोल पर दिखी. आरोपी इतनी चालाकी से चल रहे थे कि बिना मोबाइल के ट्रैवल कर रहे थे, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रैक न कर सके.

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लेकिन एक छोटी सी गलती… एक स्कूटी… बनी पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग. जांच में खुलासा हुआ कि बिंदापुर के एक किराए के घर में अनुरूप गुप्ता की हत्या की गई.

चार लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. शरीर के टुकड़े किए गए बोरों में भरकर गाड़ी में रखा गया और रात के अंधेरे में वृंदावन की तरफ निकल पड़े.

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वृंदावन जाते वक्त टुकड़ों को यमुना नदी में फेंक दिया गया. मकसद साफ था सबूत मिटा दो, केस खत्म. लेकिन अपराधी भूल गए थे कि कानून की पकड़ लंबी होती है.

एक आरोपी की स्कूटी ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. दिल्ली पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से यमुना नदी से शव के सभी पार्ट्स रिकवर कर लिए. चार आरोपी गिरफ्तार जिनमें एक लड़की भी शामिल.

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अनुरूप गुप्ता सोने की चेन पहनते थे. आरोपियों को लगा — “अच्छा खासा पैसा होगा और पैसे के लालच में इंसानियत का कत्ल कर दिया गया.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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