गुजरात के वड़ोदरा में आयोजित आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन में कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘विकास’ के नाम पर आदिवासी समुदाय की जमीनें छीनी जा रही हैं और उनके जल, जंगल और जमीन पर अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए आदिवासियों को उनकी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है, जो उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आदिवासी समुदाय के पारंपरिक संसाधनों की रक्षा करने में विफल रही है.
सम्मेलन के दौरान जल, जंगल और जमीन को आदिवासी जीवन का आधार बताते हुए उनके संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया. कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी ने आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता भी जताई. राहुल गाँधी ने बीजेपी पर आरोप लगते हुए कहा की 21वीं सदी में RSS-BJP ने एक नया शब्द दिया है… “वनवासी”. वनवासी का मतलब है कि आप इस देश के मूल मालिक नहीं हैं.जबकि “आदिवासी” का मतलब है कि यह देश आपका था, जल, जंगल और जमीन आपकी मालिकाना हक में थे. वनवासी शब्द का मतलब यह बताया जा रहा है कि जल, जंगल और जमीन आपके नहीं हैं.
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज के मुद्दों को सामने लाना और उनके अधिकारों के लिए एक मजबूत आवाज उठाना था. सम्मेलन में बड़ी संख्या में आदिवासी प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.
आदिवासी अधिकारों को लेकर वडोदरा में आयोजित यह सम्मेलन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, आनेवाले दिनों में गुजरात में स्थानीय निकाय के चुनाव होने है ऐसे में नगर पालिका और पंचायत चुनावो के मद्देनज़र राहुल गांधी के इस दौरे को काफी अहम् माना जा रहा है










