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गुजरात

जहरीला पानी फिर बना परेशानी! इंदौर के बाद अब गांधीनगर में हड़कंप, 104 लोग अस्पताल में भर्ती

इंदौर के बाद अब गांधीनगर में दूषित पानी ने लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाला है. शहर के कई इलाकों में टाइफाइड के संदिग्ध मामले सामने आए हैं. 100 से ज्यादा लोग सिविल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है.

Author Edited By : Akarsh Shukla
Updated: Jan 4, 2026 18:20

इंदौर के बाद अब गुजरात के गांधीनगर में टाइफाइड के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. प्रशासन ने कई इलाकों में पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है. बीते दिनों 104 संदिग्ध मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. स्वास्थ्य जांच में पता चला कि प्रभावित क्षेत्रों का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है. इसके बाद नगर निगम ने घर-घर सर्वेक्षण शुरू कर दिया और क्लोरीन की गोलियां बांटना भी शुरू किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है.

बच्चों समेत 104 मरीज भर्ती, हालात पर उपमुख्यमंत्री की समीक्षा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांधीनगर में बड़े पैमाने पर टाइफाइड के मामले सामने आए हैं. बच्चों समेत कुल 104 मरीजों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बीते तीन दिनों में मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. बाल चिकित्सा वार्ड में सभी की देखभाल की जा रही है. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को अस्पताल का दौरा कर हालात की समीक्षा की और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों के परिवारों के लिए भोजन और अन्य सुविधाओं का इंतजाम सुनिश्चित किया जाए.

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गृह मंत्री अमित शाह ने ली जानकारी

मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 22 डॉक्टरों की टीम गठित की गई है. अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने उप जिलाधिकारी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को भी तैनात किया गया है. उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जिलाधिकारी से फोन पर तीन बार हालात की जानकारी ली. प्रशासन इलाज के साथ ही निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा हुआ है. मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.

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घरों ले लिए गए पानी के नमूने


सिविल अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ मीता पारिख ने बताया कि सेक्टर 24, 25, 26 और 28 के साथ आदिवाड़ा क्षेत्र से बच्चों समेत कई लोगों को भर्ती किया गया. इन इलाकों से पानी के नमूने लिए गए जिनमें खुलासा हुआ कि पीने का पानी सुरक्षित नहीं है. नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण शुरू किया है. लोगों को पानी उबालकर पीने और घर का बना खाना खाने की सलाह दी जा रही है. साथ ही नगर निगम पानी की टंकियों की सफाई पर जोर दे रहा है और क्लोरीन की गोलियां वितरित कर रहा है.

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First published on: Jan 04, 2026 06:20 PM

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