दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास बीते रविवार को एक बंद कार के अंदर तीन लोगों की लाश मिली थी. वहीं अब इस मामेल की गुत्थी सुलझती हुई नजर आ रही है. शुरुआत में जिसे हत्या का केस माना जा रहा था वह ट्रिपल मर्डर का मामला निकला. झाड़-फूंक और काला जादू के दावों से लोगों को ठगने में माहिर यूपी के कमरूद्दीन ने जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों को मार डाला और 2 लाख रुपये लेकर फरार हो गया.
बुजुर्ग कमरुद्दीन उर्फ बाबा पुत्र नसरुद्दी उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है. वह फिरोजाबाद के अलावा गाजियाबाद के लोनी इलाके में ठगी की दुकान चलाता था. वह लोगों को लेकर गृह क्लेश, मुकदमों, बीमारी और गरीबी आदि से छुटकारा दिलाने के अलावा अमीर बनाने का झांसा देता था.
दिल्ली पुलिस ने कमरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद बताया कि लक्ष्मी, शिव नरेश और रणधीर को भी उसने धनवर्षा लालच देकर अपने जाल में फंसाया और फिर 2 लाख रुपये लेने के लिए तीनों को लड्डू में जहर देकर मार डाला. वहीं, मामले में यह भी सामने आया है कि कमरुद्दीन आदतन अपराधी है और पहले भी कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ राजस्थान के धौलपुर और यूपी के फिरोजाबाद में आईपीसी, बीएनएस की धाराओं में पहले से भी कई केस दर्ज हैं.
कैसे सामने आई ये घटना?
8 फरवरी को पश्चिम विहार पुलिस थाने में पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि एक सफेद कार में तीन लाशें हैं. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो ड्राइविंग सीट पर 76 वर्षीय एक पुरुष और पीछे की सीट पर 42 साल की एक महिला और 40 साल का एक और पुरुष था. तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले की जांच की और कार की तलाशी लेने पर इसमें शराब और कोल्ड ड्रिंक्स की बोलतें, खाली ग्लास, मोबाइल फोन, कैश, हेल्मेट, जैकेट, आधार कार्ड और कुछ अन्य दस्तावेज भी मिले थे. बाद में मृतकों की पहचान बपरोला दिल्ली के निवासी 76 वर्षीय रणधीर, यहीं के नरेश और जहांगीरपुरी की रहने वाली लक्ष्मी के रूप में हुई.
कैसे पकड़ा गया कमरुद्दीन?
पुलिन ने काफी खोजबीन की. टेक्निकल एनालिसिस और पूछताछ के बाद पता चला कि तीनों मृतक घटना से पहले एक चौथे शख्स के साथ संपर्क में थे, बाद में उसकी पहचान कमरुद्दीन के रूप में सामने आई. दिल्ली पुलिस ने बताया कि घटना से एक दिन पहले तीनों लोग कमरुद्दीन से मिलने लोनी गए थे. घटना वाले दिन भी वे लोग लोनी गए थे और कमरुद्दीन के संपर्क में थे. सबूतों के आधार पर पता चला कि लौटते समय कार में एक चौथा शख्स भी था. बाद में पता चला कि वह कमरुद्दीन ही था जो लोनी में उनकी कार में साथ बैठ कर आया था और घटना के बाद मृतकों को छोड़कर फरार हो गया था.
वहीं, पुलिस ने जब कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की तो उसने पहले तो पुलिस को भटकाने की कोशिश की. पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा था और बाद में वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया. कमरुद्दीन ने खुद पुलिस को बताया कि जहांगीरपुरी के रहने वाले सलीम ने लक्ष्मी को उससे मिलवाया था. बाद में लक्ष्मी ने नरेश और रणधीर को उससे मिलवाया था. कमरुद्दी ने उन्हें यह भरोसा दिलाया था कि यदि वे 2 लाख रुपये देते हैं तो वह उनके लिए काला जादू करके 'धनवर्षा' करा देगा.
कमरुद्दीन कौन है?
आरोपी कमरुद्दीन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है. वह गाजियाबाद के लोनी में एक तथाकथित ‘तांत्रिक केंद्र’ चलाता है. कार में हुई मौतों की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि खुद को भगवान बताने वाले इस शख्स ने तीनों मृतकों को ‘तांत्रिक अनुष्ठानों’ के जरिए ‘सरप्राइज मनी’ या ‘धनवर्षा’ देने का वादा किया था.
वहीं, पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन 'धनवर्षा' के बहाने लोगों को फंसाता था. वह अपने शिकार को पकड़ता, उन्हें मेंटली प्रभावित करता और फिर उन्हें मारने के लिए लड्डू में जहर मिलाकर देता और उनसे कैश और कीमती सामान लूट लेता.
इस मामले को लेकर डिप्टी पुलिस कमिश्नर सचिन शर्मा ने कहा कि आरोपियों ने पैसे के फायदे के लिए सोची-समझी साजिश के तहत तीनों की हत्या की थी.
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास बीते रविवार को एक बंद कार के अंदर तीन लोगों की लाश मिली थी. वहीं अब इस मामेल की गुत्थी सुलझती हुई नजर आ रही है. शुरुआत में जिसे हत्या का केस माना जा रहा था वह ट्रिपल मर्डर का मामला निकला. झाड़-फूंक और काला जादू के दावों से लोगों को ठगने में माहिर यूपी के कमरूद्दीन ने जहरीले लड्डू खिलाकर तीनों को मार डाला और 2 लाख रुपये लेकर फरार हो गया.
बुजुर्ग कमरुद्दीन उर्फ बाबा पुत्र नसरुद्दी उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है. वह फिरोजाबाद के अलावा गाजियाबाद के लोनी इलाके में ठगी की दुकान चलाता था. वह लोगों को लेकर गृह क्लेश, मुकदमों, बीमारी और गरीबी आदि से छुटकारा दिलाने के अलावा अमीर बनाने का झांसा देता था.
दिल्ली पुलिस ने कमरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद बताया कि लक्ष्मी, शिव नरेश और रणधीर को भी उसने धनवर्षा लालच देकर अपने जाल में फंसाया और फिर 2 लाख रुपये लेने के लिए तीनों को लड्डू में जहर देकर मार डाला. वहीं, मामले में यह भी सामने आया है कि कमरुद्दीन आदतन अपराधी है और पहले भी कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ राजस्थान के धौलपुर और यूपी के फिरोजाबाद में आईपीसी, बीएनएस की धाराओं में पहले से भी कई केस दर्ज हैं.
कैसे सामने आई ये घटना?
8 फरवरी को पश्चिम विहार पुलिस थाने में पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि एक सफेद कार में तीन लाशें हैं. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो ड्राइविंग सीट पर 76 वर्षीय एक पुरुष और पीछे की सीट पर 42 साल की एक महिला और 40 साल का एक और पुरुष था. तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मामले की जांच की और कार की तलाशी लेने पर इसमें शराब और कोल्ड ड्रिंक्स की बोलतें, खाली ग्लास, मोबाइल फोन, कैश, हेल्मेट, जैकेट, आधार कार्ड और कुछ अन्य दस्तावेज भी मिले थे. बाद में मृतकों की पहचान बपरोला दिल्ली के निवासी 76 वर्षीय रणधीर, यहीं के नरेश और जहांगीरपुरी की रहने वाली लक्ष्मी के रूप में हुई.
कैसे पकड़ा गया कमरुद्दीन?
पुलिन ने काफी खोजबीन की. टेक्निकल एनालिसिस और पूछताछ के बाद पता चला कि तीनों मृतक घटना से पहले एक चौथे शख्स के साथ संपर्क में थे, बाद में उसकी पहचान कमरुद्दीन के रूप में सामने आई. दिल्ली पुलिस ने बताया कि घटना से एक दिन पहले तीनों लोग कमरुद्दीन से मिलने लोनी गए थे. घटना वाले दिन भी वे लोग लोनी गए थे और कमरुद्दीन के संपर्क में थे. सबूतों के आधार पर पता चला कि लौटते समय कार में एक चौथा शख्स भी था. बाद में पता चला कि वह कमरुद्दीन ही था जो लोनी में उनकी कार में साथ बैठ कर आया था और घटना के बाद मृतकों को छोड़कर फरार हो गया था.
वहीं, पुलिस ने जब कमरुद्दीन को गिरफ्तार किया और उससे पूछताछ की तो उसने पहले तो पुलिस को भटकाने की कोशिश की. पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा था और बाद में वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया. कमरुद्दीन ने खुद पुलिस को बताया कि जहांगीरपुरी के रहने वाले सलीम ने लक्ष्मी को उससे मिलवाया था. बाद में लक्ष्मी ने नरेश और रणधीर को उससे मिलवाया था. कमरुद्दी ने उन्हें यह भरोसा दिलाया था कि यदि वे 2 लाख रुपये देते हैं तो वह उनके लिए काला जादू करके ‘धनवर्षा’ करा देगा.
कमरुद्दीन कौन है?
आरोपी कमरुद्दीन उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है. वह गाजियाबाद के लोनी में एक तथाकथित ‘तांत्रिक केंद्र’ चलाता है. कार में हुई मौतों की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि खुद को भगवान बताने वाले इस शख्स ने तीनों मृतकों को ‘तांत्रिक अनुष्ठानों’ के जरिए ‘सरप्राइज मनी’ या ‘धनवर्षा’ देने का वादा किया था.
वहीं, पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन ‘धनवर्षा’ के बहाने लोगों को फंसाता था. वह अपने शिकार को पकड़ता, उन्हें मेंटली प्रभावित करता और फिर उन्हें मारने के लिए लड्डू में जहर मिलाकर देता और उनसे कैश और कीमती सामान लूट लेता.
इस मामले को लेकर डिप्टी पुलिस कमिश्नर सचिन शर्मा ने कहा कि आरोपियों ने पैसे के फायदे के लिए सोची-समझी साजिश के तहत तीनों की हत्या की थी.