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दिल्ली

बॉक्स पार्किंग क्या होती है? दिल्ली में लागू होने से आम आदमी को कैसे मिलेगा फायदा

दिल्ली में ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से राहत के लिए बॉक्स पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है. तयशुदा बॉक्स में वाहन खड़े करने से सड़कें खुली रहेंगी और आम लोगों को बेहतर ट्रैफिक सुविधा मिलेगी.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 9, 2026 18:15

दिल्ली की सडकों पर रोज लगने वाला ट्रैफिक जाम अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है. समय की बर्बादी के साथ ईंधन और सेहत पर भी इसका असर पड़ता है. बाजार और रिहायशी इलाकों में लोग जहां मन किया वहां गाड़ी खड़ी कर देते हैं. इससे सड़कें सिकुड़ जाती हैं और जाम की स्थिति बनती है. इसी समस्या को देखते हुए उपराज्यपाल वी के सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने बॉक्स पार्किंग व्यवस्था लागू की है. इसका मकसद सड़कों पर पार्किंग को व्यवस्थित करना और ट्रैफिक को सुचारू बनाना है.

बॉक्स पार्किंग क्या होती है और कैसे काम करती है?

बॉक्स पार्किंग एक तयशुदा ऑन रोड पार्किंग सिस्टम है. इसमें सड़क के किनारे सफेद या पीले रंग से आयताकार बॉक्स बनाए जाते हैं. हर बॉक्स सिर्फ एक वाहन के लिए तय होता है. नियम साफ है कि गाड़ी बॉक्स के अंदर ही खड़ी करनी होगी. बाहर खड़ी करने पर कार्रवाई हो सकती है. इससे सड़क का बीच का हिस्सा खाली रहता है और वाहन बिना रुकावट चल पाते हैं. यह कोई नई तकनीक नहीं है बल्कि स्मार्ट प्लानिंग का तरीका है जो कई बड़े शहरों में पहले से सफल रहा है.

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किन इलाकों में लागू हुई बॉक्स पार्किंग?

दिल्ली पुलिस ने फिलहाल 56 व्यस्त जगहों पर बॉक्स पार्किंग लागू की है. इनमें पूर्वी दिल्ली में 14, उत्तरी में 11, दक्षिणी में 10, मध्य में 9 और पश्चिमी व नई दिल्ली में 6 6 इलाके शामिल हैं. चांदनी चौक, कमला नगर, विकास मार्ग, नेताजी सुभाष प्लेस, गांधी नगर, रोहिणी, मालवीय नगर, द्वारका और यूसुफ सराय जैसे इलाकों में यह व्यवस्था शुरू की गई है. इन जगहों पर रोज लाखों लोग आते जाते हैं और ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है.

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आम लोगों को क्या फायदा होगा और नियम क्या हैं?

बॉक्स पार्किंग से सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग कम होगी. ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और जाम में 20 से 30 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है. एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहन आसानी से निकल सकेंगे. कम जाम का मतलब कम प्रदूषण और कम ईंधन खर्च है. कारों के साथ साथ दोपहिया वाहनों के लिए भी अलग बॉक्स बनाए गए हैं. नियम तोड़ने पर चालान और जुर्माना लगेगा. शुरुआत में जागरूकता पर जोर है लेकिन आगे चलकर सख्ती बढ़ाई जाएगी. ट्रैफिक विशेषज्ञ इसे सही दिशा में उठाया गया अहम कदम मान रहे हैं.

First published on: Jan 09, 2026 05:30 PM

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