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‘शीश महल’ फिर चर्चा में, विधानसभा की कमेटी करेगी अरविंद केजरीवाल के पुराने आवास का निरीक्षण

अरविंद केजरीवाल के पुराने सरकारी आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड को लेकर ‘शीश महल’ विवाद एक बार फिर चर्चा में है. दिल्ली विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी 14 सितंबर को बंगले का निरीक्षण करेगी. जांच का केंद्र CAG की रिपोर्ट में सामने आए निर्माण खर्च, मंजूरियों और पुनर्निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड होंगे.

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6, फ्लैग स्टाफ रोड, नई दिल्ली – यह पता आम आदमी पार्टी के लिए सिरदर्द और BJP के लिए 2025 के विधानसभा चुनाव का एक बड़ा मुद्दा बन गया था. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पुराना सरकारी आवास एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है. दिल्ली विधानसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) सोमवार, 14 सितंबर को 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले का निरीक्षण करेगी. भारतीय जनता पार्टी लंबे समय से इस आवास को ‘शीश महल’ कहकर आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर निशाना साधती रही है. अब कमेटी की जांच के जरिए बंगले के पुनर्निर्माण और उस पर हुए सरकारी खर्च से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी.

बता दें कि इस कमेटी की अध्यक्षता बीजेपी विधायक अजय महावर कर रहे हैं. निरीक्षण का मुख्य आधार भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट है. रिपोर्ट में बंगले के पुनर्निर्माण की अनुमानित लागत और वास्तविक खर्च के बीच बड़े अंतर का उल्लेख किया गया था. इसके अलावा काम के दौरान भवन के निर्मित क्षेत्र में भी बढ़ोतरी का मुद्दा सामने आया था.

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शीश महल को लेकर CAG रिपोर्ट में क्या आया?

CAG के मुताबिक, आवास के नवीनीकरण का शुरुआती अनुमान करीब 7.91 करोड़ रुपये था. साल 2020 में यह काम 8.62 करोड़ रुपये की लागत पर दिया गया, लेकिन 2022 में लोक निर्माण विभाग द्वारा काम पूरा होने तक खर्च बढ़कर करीब 33.66 करोड़ रुपये पहुंच गया. यानी शुरुआती अनुमान की तुलना में लागत में लगभग 342 प्रतिशत की वृद्धि हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि करीब 18.88 करोड़ रुपये उच्च गुणवत्ता वाले, कलात्मक, प्राचीन और सजावटी सामान पर खर्च किए गए. वहीं, निर्माण क्षेत्र 1,397 वर्ग मीटर से बढ़कर 1,905 वर्ग मीटर हो गया.

कमेटी निरीक्षण के दौरान निर्माण से जुड़े दस्तावेज, मंजूरियां और खर्च का रिकॉर्ड देख सकती है. अधिकारियों से उन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है, जिन पर CAG ने सवाल उठाए हैं.

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AAP ने BJP से मांगा सबूत

AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने रविवार को BJP को चुनौती दी कि अगर बंगले में ‘गोल्डन कमोड’, स्विमिंग पूल और शराब बार होने के दावे किए गए हैं, तो कमेटी के निरीक्षण के दौरान इन्हें दिखाया जाए. AAP ने यह भी मांग की है कि निरीक्षण के समय मीडिया को पैनल के साथ जाने की इजाजत मिले. पार्टी चाहती है कि पूरे दौरे की तस्वीरें और वीडियो भी सार्वजनिक किए जाएं.

AAP का आरोप है कि BJP ने बिना पुख्ता सबूत के बंगले को लेकर लंबे समय तक राजनीतिक माहौल बनाया. दूसरी ओर, BJP लगातार बंगले के रिनोवेशन पर हुए खर्च और किए गए निर्माण को लेकर केजरीवाल पर सवाल उठाती रही है. 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में ‘शीश महल’ का मुद्दा BJP के प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल था. पार्टी ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल और AAP ने जनता के पैसे का इस्तेमाल सुख-सुविधाओं पर किया. AAP ने इन आरोपों को लगातार गलत बताया है.

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फिर से चर्चा में आया शीश महल

बता दें कि 2025 के विधानसभा चुनाव में BJP ने दिल्ली की 48 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि AAP को 22 सीटें मिलीं. दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद केजरीवाल के पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने के साथ यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आया. इसी साल BJP ने चंडीगढ़ के एक सरकारी बंगले को ‘शीश महल 2.0’ बताते हुए AAP प्रमुख पर आलीशान जीवनशैली जीने का आरोप लगाया था. AAP ने इन दावों को खारिज करते हुए BJP से सबूत पेश करने को कहा था.

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6, फ्लैगस्टाफ रोड का यह बंगला अक्टूबर 2024 तक केजरीवाल का सरकारी आवास था. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने इसे खाली कर दिया था. उस समय BJP की ओर से उनके खिलाफ सरकारी आवास को लेकर लगातार राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा था.

First published on: Sep 14, 2026 08:08 AM

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