साउथ वेस्ट दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर इलाके में चल रहे अवैध एलपीजी सिलेंडर भंडारण और कालाबाजारी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से कुल 74 एलपीजी सिलेंडर, गैस ट्रांसफर करने के उपकरण, वजन मशीनें और एक टाटा ऐस गोल्ड वाहन बरामद किया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा, दिनेश साहू और मिथिलेश के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पिछले करीब तीन साल से महिपालपुर इलाके में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध सप्लाई और कालाबाजारी कर रहे थे.
पुलिस को 21 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी कि महिपालपुर के के-845 नंबर मकान में बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर अवैध रूप से जमा किए गए हैं. सूचना मिलने के तुरंत बाद एएटीएस की टीम ने मौके पर छापा मारा और तीनों आरोपियों को मौके से ही पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान पुलिस को 70 घरेलू और 4 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मिले. इनमें 54 घरेलू और 3 कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए थे, जबकि बाकी इस्तेमाल किए हुए पाए गए. इसके अलावा, पुलिस ने एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, दो हैंगिंग वजन मशीन और गैस ट्रांसफर के लिए धातु की पाइप बरामद की.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिना बिल और बिना लाइसेंस के स्थानीय लोगों को एलपीजी सिलेंडर बेचते थे. अधिक मुनाफा कमाने के लिए वे भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भर देते थे. सिलेंडरों की ढुलाई वे टाटा ऐस गोल्ड वाहन के जरिए करते थे.
पुलिस अब पूरे रैकेट का विस्तार से खुलासा कर रही है और इस मामले में आगे की जांच जारी है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध व्यापार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
साउथ वेस्ट दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर इलाके में चल रहे अवैध एलपीजी सिलेंडर भंडारण और कालाबाजारी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से कुल 74 एलपीजी सिलेंडर, गैस ट्रांसफर करने के उपकरण, वजन मशीनें और एक टाटा ऐस गोल्ड वाहन बरामद किया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा, दिनेश साहू और मिथिलेश के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी पिछले करीब तीन साल से महिपालपुर इलाके में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध सप्लाई और कालाबाजारी कर रहे थे.
पुलिस को 21 मार्च को गुप्त सूचना मिली थी कि महिपालपुर के के-845 नंबर मकान में बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर अवैध रूप से जमा किए गए हैं. सूचना मिलने के तुरंत बाद एएटीएस की टीम ने मौके पर छापा मारा और तीनों आरोपियों को मौके से ही पकड़ लिया.
तलाशी के दौरान पुलिस को 70 घरेलू और 4 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मिले. इनमें 54 घरेलू और 3 कमर्शियल सिलेंडर भरे हुए थे, जबकि बाकी इस्तेमाल किए हुए पाए गए. इसके अलावा, पुलिस ने एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, दो हैंगिंग वजन मशीन और गैस ट्रांसफर के लिए धातु की पाइप बरामद की.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बिना बिल और बिना लाइसेंस के स्थानीय लोगों को एलपीजी सिलेंडर बेचते थे. अधिक मुनाफा कमाने के लिए वे भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भर देते थे. सिलेंडरों की ढुलाई वे टाटा ऐस गोल्ड वाहन के जरिए करते थे.
पुलिस अब पूरे रैकेट का विस्तार से खुलासा कर रही है और इस मामले में आगे की जांच जारी है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध व्यापार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.