संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रोटेस्ट के बीच गुरुवार को भी 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी लंच तक इंतजार करते हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने की समस्या को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की बेंच के सामने उठाया. विकास सिंह ने कहा कि कम से कम सुप्रीम कोर्ट के वैध एंट्री पास वाले वकील, लिटिगेंट और रजिस्ट्री स्टाफ को मेट्रो से उतरकर स्टेशन पर ही स्क्रीनिंग के बाद बाहर निकलने की अनुमति दी जाए, इससे वकीलों और अदालती कर्मचारियों को भारी परेशानी हो रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने की मेट्रो अधिकारियों से बात
विकास सिंह की अपील पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सुबह ही सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को मेट्रो अधिकारियों से बात करने के लिए कहा गया है, और अगर दोपहर के भोजन समय तक हल नहीं निकला तो वो खुद इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे. सीजेआई ने बार को आश्वासन दिया कि आज गैर-हाजिरी के कारण कोई प्रतिकूल आदेश नहीं पारित किए जाएंगे. इस संबंध में न्यायाधीशों को निर्देश जारी किए गए हैं.
यह भी पढ़ें: पेपर लीक पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, फास्ट ट्रैक कोर्ट का होगा गठन, दोषियों को मिलेगा कठोर से कठोर दंड
क्यों बंद किए गए हैं मेट्रो स्टेशन?
गौरतलब है कि 20 जुलाई को सीजेपी द्वारा चलाए गए संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. मानसून सत्र के बीच सीजेपी आंदोलन से कानून व्यवस्था को बनाए रखे में प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी क्रम में डीएमआरसी ने बुधवार और गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट और राजीव चौक समेत 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला लिया.
कौन-कौन से मेट्रो स्टेशन हैं बंद?
- राजीव चौक
- पटेल चौक
- लोक कल्याण मार्ग
- बाराखंभा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- केन्द्रीय सचिवालय
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रोटेस्ट के बीच गुरुवार को भी 16 मेट्रो स्टेशन बंद होने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी लंच तक इंतजार करते हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के बंद होने की समस्या को मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की बेंच के सामने उठाया. विकास सिंह ने कहा कि कम से कम सुप्रीम कोर्ट के वैध एंट्री पास वाले वकील, लिटिगेंट और रजिस्ट्री स्टाफ को मेट्रो से उतरकर स्टेशन पर ही स्क्रीनिंग के बाद बाहर निकलने की अनुमति दी जाए, इससे वकीलों और अदालती कर्मचारियों को भारी परेशानी हो रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने की मेट्रो अधिकारियों से बात
विकास सिंह की अपील पर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि सुबह ही सुप्रीम कोर्ट प्रशासन को मेट्रो अधिकारियों से बात करने के लिए कहा गया है, और अगर दोपहर के भोजन समय तक हल नहीं निकला तो वो खुद इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे. सीजेआई ने बार को आश्वासन दिया कि आज गैर-हाजिरी के कारण कोई प्रतिकूल आदेश नहीं पारित किए जाएंगे. इस संबंध में न्यायाधीशों को निर्देश जारी किए गए हैं.
यह भी पढ़ें: पेपर लीक पर PM मोदी का बड़ा ऐलान, फास्ट ट्रैक कोर्ट का होगा गठन, दोषियों को मिलेगा कठोर से कठोर दंड
क्यों बंद किए गए हैं मेट्रो स्टेशन?
गौरतलब है कि 20 जुलाई को सीजेपी द्वारा चलाए गए संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. मानसून सत्र के बीच सीजेपी आंदोलन से कानून व्यवस्था को बनाए रखे में प्रशासन को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी क्रम में डीएमआरसी ने बुधवार और गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट और राजीव चौक समेत 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का फैसला लिया.
कौन-कौन से मेट्रो स्टेशन हैं बंद?
- राजीव चौक
- पटेल चौक
- लोक कल्याण मार्ग
- बाराखंभा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- केन्द्रीय सचिवालय
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम