Delhi Waqf Board money laundering case: आप विधायक
अमानतुल्लाह खान को वक्फ बोर्ड मनी लाॅन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल गई। इससे पहले ED ने उन्हें एक सप्ताह पहले अरेस्ट किया था। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने 9 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया था। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 9 मई को करेगा।
आप विधायक पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहते हुए 32 लोगों को अवैध रूप से भर्ती किया था। इसके साथ ही उन्होंने कई संपत्तियों को किराए पर दिया है। हालांकि अरेस्ट होने के बाद उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने याचिका सुनने से इंकार कर दिया था।
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ईडी ने दावा किया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध रूप से भर्ती कर बड़ी मात्रा में उन्होंने अवैध रकम हासिल की। इस रकम से उन्होंने सहयोगियों के नाम पर अचल संपत्ति खरीद ली। ईडी कई बार विधायक के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है। इस दौरान जांच एजेंसी के हाथ ऐसे कई सबूत लगे जिसमें विधायक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही थी।
2015 से विधायक है अमानतुल्लाह खान
इससे पहले 15 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खान के वकील को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि आपको बार-बार समन जारी किए गए लेकिन आप नहीं आए। यह गलत है हम इसे माफ नहीं कर सकते। बता दें कि मामले में एजेंसी ने विधायक खान समेत 4 लोगों को आरोपी बनाया था। बता दें कि अमानतुल्लाह खान दिल्ली की ओखला सीट से विधायक हैं। 2015 और 2020 का चुनाव अमानतुल्लाह ने ओखला सीट से जीता था।
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Delhi Waqf Board money laundering case: आप विधायक अमानतुल्लाह खान को वक्फ बोर्ड मनी लाॅन्ड्रिंग मामले में जमानत मिल गई। इससे पहले ED ने उन्हें एक सप्ताह पहले अरेस्ट किया था। ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने 9 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया था। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 9 मई को करेगा।
आप विधायक पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष पद पर रहते हुए 32 लोगों को अवैध रूप से भर्ती किया था। इसके साथ ही उन्होंने कई संपत्तियों को किराए पर दिया है। हालांकि अरेस्ट होने के बाद उनके वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने याचिका सुनने से इंकार कर दिया था।
ईडी ने दावा किया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध रूप से भर्ती कर बड़ी मात्रा में उन्होंने अवैध रकम हासिल की। इस रकम से उन्होंने सहयोगियों के नाम पर अचल संपत्ति खरीद ली। ईडी कई बार विधायक के ठिकानों पर छापेमारी भी कर चुकी है। इस दौरान जांच एजेंसी के हाथ ऐसे कई सबूत लगे जिसमें विधायक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही थी।
2015 से विधायक है अमानतुल्लाह खान
इससे पहले 15 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खान के वकील को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि आपको बार-बार समन जारी किए गए लेकिन आप नहीं आए। यह गलत है हम इसे माफ नहीं कर सकते। बता दें कि मामले में एजेंसी ने विधायक खान समेत 4 लोगों को आरोपी बनाया था। बता दें कि अमानतुल्लाह खान दिल्ली की ओखला सीट से विधायक हैं। 2015 और 2020 का चुनाव अमानतुल्लाह ने ओखला सीट से जीता था।
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