दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को बड़ा हादसा हो गया. एक 4 मंजिला इमारत अचानकर भरभराकर गिर गई, जिसके बाद से वहां NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है. अभी तक मलबे के भीतर से 5 छात्रों को निकाला गया है. जिनमें से 3 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें इलाज के लिए AIIMS में भर्ती कराया गया है. आशंका है कि मलबे के नीचे कई लोग दबे हो सकते हैं. ये बिल्डिंग एक पीजी बताई गई है, जिसमें साउथ कैंपस कॉलेज के स्टूडेंट्स रह रहे थे. इमारत के मालिक का नाम आनंद बंसल बताया गया है.
दिल्ली की सीएम ने जताया दुख
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर दुख जताया है. सीएम ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर चिंता जताते हुए कहा- ''DMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव कार्य कर रही हैं. एहतियात के तौर पर बगल की इमारत को खाली करा लिया गया है. फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. हालात पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं. हर नागरिक की सुरक्षा और भलाई हमारी पहली प्राथमिकता है."
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, ये ग्राउंड प्लस 4 मंजिला इमारत 80 गज में बनी थी. हर फ्लोर पर पांच कमरे बने थे. रविवार होने के चलते ज्यादातर रहने वाले बाहर थे या फिर खाना खाने गए हुए थे. बेसमेंट में काम हो रहा था, जिसके चलते नींव कमजोर हो गई थी और इमारत गिर गई.
चश्मदीद ने क्या कहा?
हादसे की जगह पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया- ''जो बिल्डिंग गिरी है, उसका नाम 'हॉस्टल डेज़' है. ठीक उसके बगल में एक और बिल्डिंग है जो गिर गई. 'हॉस्टल डेज़' खास तौर पर लड़कों का PG था; ये पांच मंज़िला बिल्डिंग थी. उसके साथ वाली बिल्डिंग भी गिर गई. जो भी छात्र अपने कमरों के अंदर थे, वो मलबे के नीचे दब गए. छात्रों की सही संख्या का पता रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच करने पर ही चलेगा. फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें लगातार लोगों को बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रही हैं. कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं. रेस्क्यू करने वाले उन्हें बहुत मुश्किल से बाहर निकाल रहे हैं.''
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