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दिल्ली में मकान बनाने वालों की लग गई लॉटरी! CM रेखा गुप्ता के इस एक फैसले से सीधे बचेंगे लाखों रुपए, जानें किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

Delhi News: दिल्ली सरकार ने पानी-सीवर IFC चार्ज नियमों में बड़ा बदलाव कर घर बनाना सस्ता कर दिया है. छोटे प्लॉट, मिडिल क्लास परिवार, अनधिकृत कॉलोनियां और धार्मिक संस्थाएं अब भारी छूट का फायदा उठा सकेंगी, जिससे लाखों रुपये तक की बचत होगी. जानिए इन बदलावों के बारे में.

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देश की राजधानी दिल्ली में अपना एक छोटा सा आशियाना बनाना या पुराने घर में नया फ्लोर जोड़ना अब तक आम आदमी के लिए किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था. नगर निगम से नक्शा पास करवाने से लेकर दिल्ली जल बोर्ड के भारी-भरकम शुल्कों को चुकाने में ही लोगों की जमा-पूंजी खत्म हो जाती थी. लेकिन अब दिल्ली के मध्यम वर्गीय परिवारों, छोटे मकान मालिकों और कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आई है. राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवालों को एक बड़ा ऐतिहासिक तोहफा देते हुए पानी और सीवर के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट चार्ज (IFC) के नियमों को पूरी तरह बदल दिया है. सरकार के इस बड़े रिफॉर्म के बाद अब दिल्ली में नया मकान बनाना न सिर्फ आसान हो जाएगा, बल्कि लोगों के लाखों रुपए की सीधी बचत भी होगी.

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सरकार ने इन नियमों में किए 5 बड़े बदलाव

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, पहले के जटिल नियमों के कारण लोगों में शुल्क न चुकाने और निचले स्तर पर भ्रष्टाचार भी बढ़ती थी. इसे रोकने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे से जुड़े आईएफसी (IFC) वसूलने के तरीकों में बड़े बदलाव किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • अब पानी और सीवर का आईएफसी चार्ज इस बात पर तय नहीं होगा कि आपका प्लॉट कितना बड़ा है, बल्कि इस आधार पर तय किया जाएगा कि उस मकान में पानी की जरूरत कितनी है.
  • नॉन-एफएआर एरिया को पूरी छूट: नए नियमों के तहत अब घर के आंगन, खुली जगह, बालकनी और पार्किंग जैसे नॉन-एफएआर (Non-FAR) क्षेत्रों पर कोई अतिरिक्त आईएफसी शुल्क नहीं देना होगा.
  • मरम्मत पर नया टैक्स नहीं: जिन मकान मालिकों ने अपने पुराने घर का सिर्फ रेनोवेशन या री-डेवलपमेंट कराया है और वहां पानी की मांग नहीं बढ़ी है, उनसे दोबारा कोई नया आईएफसी चार्ज नहीं वसूला जाएगा.
  • छोटे प्लॉट धारकों को बड़ी राहत: यह नया नियम सिर्फ 200 वर्गमीटर से बड़े प्लॉटों पर ही लागू होगा. छोटे और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी. छोटे फ्लैट वालों का भी खास ध्यान रखा गया है. 50 वर्गमीटर तक के छोटे घरों पर IFC शुल्क में अतिरिक्त 50% की छूट दी जाएगी.
  • मिडिल क्लास को राहत: दिल्ली की E और F कैटेगरी कॉलोनियों में रहने वालों को 50% तक की छूट मिलेगी. वहीं G और H कैटेगरी कॉलोनियों के लोगों को 70% तक राहत देने का फैसला किया गया है. सरकार का कहना है कि जिन इलाकों में मिडिल क्लास और आम परिवार रहते हैं, वहां सबसे ज्यादा राहत दी गई है ताकि घर बनाना आसान हो सके.

कैटगरी कॉलोनियों के हिसाब से मिलेगी बंपर राहत

दिल्ली सरकार ने शहर की अलग-अलग रिहायशी कॉलोनियों को मिलने वाली राहत का दायरा भी तय कर दिया है. नए नियमों के मुताबिक, दिल्ली की ई (E) और एफ (F) कैटेगरी की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को आईएफसी चार्ज में सीधे 50 फीसदी की रियायत दी जाएगी. वहीं, मुख्य रूप से गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय आबादी वाली जी (G) और एच (H) कैटेगरी की कॉलोनियों के निवासियों को 70 फीसदी तक की भारी छूट मिलेगी. सरकार के इस नए फॉर्मूले का असर इतना बड़ा है कि पहले जहां ए (A) और बी (B) कैटेगरी वाले पॉश इलाकों में बड़े मकानों के निर्माण पर करीब 13 लाख रुपए तक का आईएफसी देना पड़ता था, वह अब घटकर सिर्फ 5.4 लाख रुपए के आसपास रह गया है.

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कच्ची कॉलोनियों और धार्मिक स्थलों को मिलेगी बड़ी छूट

इस फैसले में दिल्ली की अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों में रहने वाली लाखों की आबादी का भी विशेष ख्याल रखा गया है. अब इन कॉलोनियों के निवासियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और अधिकारियों की मनमानी झेलने की कोई जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अब किसी भी रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट द्वारा साइन किए गए बिल्डिंग प्लान (नक्शे) को ही पूरी तरह से वैध मान लिया जाएगा. इसके साथ ही, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने सभी प्रकार के धार्मिक स्थलों, जैसे मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च, मस्जिद और समाज सेवा करने वाली चेरिटेबल संस्थाओं को भी पानी-सीवर शुल्क में 50% की विशेष छूट देने का ऐलान किया है.

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First published on: May 23, 2026 11:45 AM

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Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.

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