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Delhi-NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम में हल्का बदलाव दर्ज हुआ है. हवाओं की रफ्तार पहले जहां लगभग 8 किमी प्रति घंटा थी, वहीं अब बढ़कर करीब 12 किमी प्रति घंटा हो गई है. दिन में धूप रहने के बावजूद लोगों ने हल्की ठंड महसूस की. तापमान में बड़ी गिरावट नहीं देखी गई, लेकिन बुधवार से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट की उम्मीद जताई जा रही है. आज न्यूनतम तापमान 8 से 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. सुबह हल्का कोहरा छाए रहने और विजिबिलिटी कम होने की संभावना है. वहीं लगभग 60% जिलों में सालाना पीएम 2.5 का स्तर भारतीय मानकों से अधिक पाया गया है. 749 जिलों में से 447 जिले तय सीमा से ऊपर हैं. सबसे प्रदूषित 50 जिलों में दिल्ली और असम के 11-11 जिले शामिल हैं.
रात के समय ठंडी हवाएं जारी रहेंगी, जिससे रात का पारा और नीचे जा सकता है. दिन में धूप तो निकलेगी, लेकिन इसकी तीव्रता पिछले दिनों की तुलना में थोड़ी कम रहेगी. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में AQI अभी भी खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है. दिल्ली में AQI लगभग 306, नोएडा में 291, गाजियाबाद में 305, गुरुग्राम में 197 और ग्रेटर नोएडा में 355 के आसपास बना हुआ है. ऐसे में तापमान के साथ-साथ वायु गुणवत्ता भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
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भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 26 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच मौसम में धीरे-धीरे परिवर्तन दिखाई देगा. 29 नवंबर से तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है. इसका मतलब है कि दिसंबर की शुरुआत कड़ाके की ठंड के साथ नहीं होगी. 1 दिसंबर तक मौसम लगभग पहले जैसा ही बना रहेगा और ठंड में किसी तेज गिरावट की संभावना नहीं है. दिसंबर माह की शुरुआत भी सामान्य और हल्की गर्माहट वाले तापमान के साथ होने की संभावना बताई जा रही है.
देश में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है, क्योंकि लगभग 60% जिलों में सालाना पीएम 2.5 का स्तर भारतीय मानकों से अधिक पाया गया है. 749 जिलों में से 447 जिले तय सीमा से ऊपर हैं. सबसे प्रदूषित 50 जिलों में दिल्ली और असम के 11-11 जिले शामिल हैं. सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) द्वारा सैटेलाइट डेटा पर आधारित नई रिपोर्ट में गंगा के मैदानी क्षेत्रों को देश का सबसे प्रदूषित बेल्ट बताया गया है. जहां सर्दी, गर्मी और मॉनसून के बाद भी प्रदूषण बना रहता है. पूर्वोत्तर में असम और त्रिपुरा तेजी से नए प्रदूषण हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहे हैं. रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली का सालाना पीएम 2.5 स्तर 101 एमजीसीएम तक पहुंच गया है. जो डब्ल्यूएचओ मानकों से लगभग 20 गुना अधिक है. इसके अलावा त्रिपुरा, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और चंडीगढ़ के सभी जिलों में भी मॉनसून छोड़कर पूरे साल प्रदूषण मानकों से ऊपर ही रहता है.
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