Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो का बड़ा विस्तार, राजीव चौक की भीड़ होगी कम! सेंट्रल दिल्ली को मिलने वाला है नया ट्रिपल इंटरचेंज कॉरिडोर
Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो फेज 5a के तहत नए कॉरिडोर, इंटरचेंज और विस्तार पर काम कर रही है, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों को भीड़ से राहत, आसान सफर का अनुभव मिल सकेगा. आइए जानते यह प्रोजेक्ट कैसे राजीव चौक के भीड़ को खत्म कर देगा.
Written By: Azhar Naim|Updated: Jun 10, 2026 11:27
Edited By : Azhar Naim|Updated: Jun 10, 2026 11:27
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दिल्ली मेट्रो का मेगा प्रोजेक्ट. (Image: AI)
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दिल्ली में लगातार बढ़ते यातायात और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक बड़े विस्तार प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत फेज-5A में बनने वाला नया सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों को आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा और लोगों को अधिक सुविधाजनक यात्रा करने का अनुभव देगा. इस परियोजना का उद्देश्य सिर्फ यात्रा को आसान बनाना ही नहीं, बल्कि राजीव चौक जैसे अत्यधिक व्यस्त इंटरचेंज स्टेशनों पर भीड़ को कम करना भी है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह कॉरिडोर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है, जो मेट्रो में यात्रा करने वालों के लिए बेहद जरूरी भी है.
यह नया कॉरिडोर आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा होगा और इसे करीब 9,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा. इस परियोजना के तहत ज्यादातर स्टेशन भूमिगत बनाए जाएंगे, जिससे सेंट्रल दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात पर कम प्रभाव पड़ेगा. खास बात यह है कि यह मैजेंटा लाइन का विस्तार होगा और पूरी लाइन ड्राइवरलेस तकनीक पर आधारित होगी. इतना ही नहीं, आरके आश्रम मार्ग और शिवाजी स्टेडियम के बीच लगभग एक किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग भी बनाई जाएगी.
रूट पर बनने वाले प्रमुख स्टेशन
यात्रियों की सुविधा के लिए इस कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल किए गए हैं:
आरके आश्रम मार्ग
शिवाजी स्टेडियम
युगे युगीन भारत स्टेशन
सेंट्रल सेक्रेट्रिएट
कर्तव्य भवन
इंडिया गेट
नेशनल वॉर मेमोरियल
दिल्ली हाईकोर्ट
बड़ौदा हाउस
भारत मंडपम
इंद्रप्रस्थ
युगे युगीन भारत स्टेशन संसद मार्ग और रकाबगंज क्षेत्र के पास बनाया जाएगा, जिससे नए संसद भवन तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.
चार बड़े इंटरचेंज स्टेशन भी प्रोजेक्ट में शामिल
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसके इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जो अलग-अलग मेट्रो लाइनों को आपस में जोड़ेंगे.
सेंट्रल सेक्रेट्रिएट: येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइन का ट्रिपल इंटरचेंज बनेगा.
मोती बाग: पिंक लाइन से कनेक्टिविटी.
आरके पुरम: मौजूदा मैजेंटा लाइन से सीधा जुड़ाव.
किशनगढ़: गोल्डन लाइन (तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर) से इंटरचेंज.
इन इंटरचेंज की मदद से यात्रियों को बार-बार लाइन बदलने की परेशानी कम होगी और यात्रा का समय भी बचेगा.
लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
फेज-5A के तहत अन्य दो नए कॉरिडोर भी विकसित किए जाएंगे, जिससे दिल्ली और एनसीआर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. 12000 करोड़ के इस मेगा परियोजना के पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय सचिवालय, सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट, भारत मंडपम और अन्य सरकारी संस्थानों तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी.
साथ ही पश्चिमी, उत्तरी और मध्य दिल्ली के यात्रियों को भी बेहतर यात्रा विकल्प मिलेंगे और बार-बार चेंज करने से भी आजादी मिलेगी. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राजीव चौक पर यात्रियों का दबाव कम होगा और मध्य दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा. इसके साथ ही मैजेंटा लाइन इस प्रोजेक्ट के बाद 88.4 किलोमीटर लंबी हो जाएगी, जिससे यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी.
दिल्ली में लगातार बढ़ते यातायात और यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक बड़े विस्तार प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत फेज-5A में बनने वाला नया सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण इलाकों को आधुनिक मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा और लोगों को अधिक सुविधाजनक यात्रा करने का अनुभव देगा. इस परियोजना का उद्देश्य सिर्फ यात्रा को आसान बनाना ही नहीं, बल्कि राजीव चौक जैसे अत्यधिक व्यस्त इंटरचेंज स्टेशनों पर भीड़ को कम करना भी है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह कॉरिडोर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है, जो मेट्रो में यात्रा करने वालों के लिए बेहद जरूरी भी है.
यह नया कॉरिडोर आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा होगा और इसे करीब 9,570 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा. इस परियोजना के तहत ज्यादातर स्टेशन भूमिगत बनाए जाएंगे, जिससे सेंट्रल दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात पर कम प्रभाव पड़ेगा. खास बात यह है कि यह मैजेंटा लाइन का विस्तार होगा और पूरी लाइन ड्राइवरलेस तकनीक पर आधारित होगी. इतना ही नहीं, आरके आश्रम मार्ग और शिवाजी स्टेडियम के बीच लगभग एक किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग भी बनाई जाएगी.
रूट पर बनने वाले प्रमुख स्टेशन
यात्रियों की सुविधा के लिए इस कॉरिडोर में कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल किए गए हैं:
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आरके आश्रम मार्ग
शिवाजी स्टेडियम
युगे युगीन भारत स्टेशन
सेंट्रल सेक्रेट्रिएट
कर्तव्य भवन
इंडिया गेट
नेशनल वॉर मेमोरियल
दिल्ली हाईकोर्ट
बड़ौदा हाउस
भारत मंडपम
इंद्रप्रस्थ
युगे युगीन भारत स्टेशन संसद मार्ग और रकाबगंज क्षेत्र के पास बनाया जाएगा, जिससे नए संसद भवन तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.
चार बड़े इंटरचेंज स्टेशन भी प्रोजेक्ट में शामिल
इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसके इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जो अलग-अलग मेट्रो लाइनों को आपस में जोड़ेंगे.
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सेंट्रल सेक्रेट्रिएट: येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइन का ट्रिपल इंटरचेंज बनेगा.
मोती बाग: पिंक लाइन से कनेक्टिविटी.
आरके पुरम: मौजूदा मैजेंटा लाइन से सीधा जुड़ाव.
किशनगढ़: गोल्डन लाइन (तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर) से इंटरचेंज.
इन इंटरचेंज की मदद से यात्रियों को बार-बार लाइन बदलने की परेशानी कम होगी और यात्रा का समय भी बचेगा.
लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
फेज-5A के तहत अन्य दो नए कॉरिडोर भी विकसित किए जाएंगे, जिससे दिल्ली और एनसीआर की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. 12000 करोड़ के इस मेगा परियोजना के पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय सचिवालय, सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट, भारत मंडपम और अन्य सरकारी संस्थानों तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी.
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साथ ही पश्चिमी, उत्तरी और मध्य दिल्ली के यात्रियों को भी बेहतर यात्रा विकल्प मिलेंगे और बार-बार चेंज करने से भी आजादी मिलेगी. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राजीव चौक पर यात्रियों का दबाव कम होगा और मध्य दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा. इसके साथ ही मैजेंटा लाइन इस प्रोजेक्ट के बाद 88.4 किलोमीटर लंबी हो जाएगी, जिससे यह दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी.
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