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दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, बंद होगी वो स्कीम जिसने छीनी 21 जिंदगियां, जानें बेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस का कांग्रेस से क्या कनेक्शन?

दिल्ली सरकार ने मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान जाने के बाद, अपनी बेड एंड ब्रेकफास्ट (Bed and Breakfast, BnB) स्कीम को आधिकारिक रूप से वापस लेने और इसके तहत संचालित सभी प्रतिष्ठानों की समीक्षा करने का फैसला किया है. पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. यह स्कीम शीला दीक्षित के दौर में शुरू की गई थी.

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दिल्ली सरकार ने मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की जान जाने के बाद, अपनी बेड एंड ब्रेकफास्ट (Bed and Breakfast, BnB) स्कीम को आधिकारिक रूप से वापस लेने और इसके तहत संचालित सभी प्रतिष्ठानों की समीक्षा करने का फैसला किया है. पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी. यह स्कीम शीला दीक्षित के दौर में शुरू की गई थी.

वापस लेंगे बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम

राजधानी के ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ में लगी आग के बाद बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम को वापस लेने का ऐलान किया गया. इस अग्निकांड में 11 विदेश नागरिकों सहित 21 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए.

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वहीं, मंत्री मिश्रा ने कहा, ‘हम आधिकारिक तौर पर ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ स्कीम को वापस लेने जा रहे हैं और इसके तहत लाइसेंस प्राप्त सभी प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी.’

सिर्फ 6 कमरों के लिए था लाइसेंस

नियमों की सख्ती की बात करते हुए मंत्री मिश्रा ने कहा कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने वाले होटल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यदि इस स्कीम के तहत रजिस्टर्ड कोई भी प्रतिष्ठान छह से अधिक कमरे संचालित करते हुए पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. उनके अनुसार, फ्लोरिश स्टे को 2 साल पहले 2024 में बीएंडबी स्कीम के तहत सिल्वर कैटेगरी में 6 कमरों के लिए लाइसेंस दिया गया था, जिसकी वैधता अगले साल 2027 तक थी.

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होटल में 25 कमरे किए जा रहे थे संचालित

हालांकि, अग्निकांड के बाद जांचकर्ताओं ने बताया कि यह होटल कथित तौर पर स्वीकृत क्षमता से करीब चार गुना अधिक कमरे संचालित कर रहा था और उसके पास अनिवार्य जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी नहीं था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस होटल में तहखाने सहित करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे.

स्कीम में दिल्ली में कितने घर रजिस्टर्ड?

कपिल मिश्रा ने पर्यटन विभाग की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि इस विभाग की जिम्मेदारी काफी हद तक लाइसेंस देने, उनके रिन्यूअल करने और निरीक्षण के दौरान नियमों के पालन की जांच करने तक ही सीमित है. होटल मालिकों के लिए हर 15 दिन में स्थानीय पुलिस थाने को मेहमानों का रिकॉर्ड सौंपना अनिवार्य होता है. इन जगहों के रोजमर्रा के कामकाज में पर्यटन विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है.

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यह भी पढ़ें- बिहार के अस्पताल में कैसे लगी आग? जांच में वजह आई सामने, जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते रहे लोग

शीला दीक्षित की सरकार में शुरू हुई थी ये स्कीम

“बेड एंड ब्रेकफास्ट” स्कीम शीला दीक्षित की सरकार के कार्यकाल के दौरान साल 2007 में शुरू की गई थी. स्कीम के शुरू होने से लेकर साल 2023 तक, राजधानी में 432 संपत्तियों में 2,200 से अधिक कमरे रजिस्टर्ड कराए गए थे. दिल्ली सरकार उन लोगों का इस स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन करती है जो अपने घर को “बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट” यूनिट में बदलना चाहते हैं. महज 30 दिनों में ही इसका रजिस्ट्रेशन हो जाता है. पहले रजिस्ट्रेशन में 90 दिन लगा करते थे.

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क्या थी BnB स्कीम शुरू करने के पीछे की वजह?

इस स्कीम को शुरू करने के पीछे की योजना यह थी कि लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार घर जैसा अनुभव देना. लोगों को भारतीय घर में, एक परिवार के साथ रहने का मौका मिले. साथ ही होटल की तुलना में यहां रहने पर मेहमानों को असुरक्षा का सामना न करना पड़े. इसके अलावा रहने और खाने पर ज्यादा खर्च भी नहीं करना होगा. बाहरी खाने की तुलना में घर का बना खाना भी खाने को मिलेगा.

First published on: Jun 04, 2026 12:32 PM

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