Delhi High Court major verdict on former MLA Kuldeep Sengar: दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप केस में सजा काट रहे पूर्व MLA कुलदीप सेंगर पर बड़ा फैसला सुनाया है. उनकी सजा सस्पेंड कर दी गई है. साथ ही कुलदीप सिंह सेंगर को पीड़िता के 5 किलोमीटर के दायरे में न आने और जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली में ही रहने का आदेश दिया. दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को हर सोमवार पुलिस को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया, सेंगर पीड़िता को पीड़िता को धमकी नहीं देगा, सेंगर को अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि किसी भी शर्त का उल्लंघन करने पर जमानत रद्द कर दी जाएगी.
2017 Unnao rape case | Delhi High Court suspends the sentence of former MLA Kuldeep Singh Sengar. The High Court has directed that Sengar will not enter the 5-kilometre area where the victim resides in Delhi.
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) December 23, 2025
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जमानत के बाद भी जेल में रहेंगे कुलदीप
कुलदीप सिंह सेंगर को निचली अदालत ने दोषी ठहराया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इस मामले में 15 लाख के मुचलके पर जमानत मिली है. इस जमानत के बाद भी कुलदीप सेंगर जेल से बाहर नहीं आ पाएगा क्योंकि पीडि़ता की हत्या के मामले मे 10 साल की सजा काट रहा है जिसमें केवल 10 महीने शेष है. इस मामले में सेंगर 13 अप्रैल, 2018 से हिरासत में हैं. इससे पहले 7 नवंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. उन्नाव केस में पीड़िता के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि कुलदीप सिंह सेंगर जमानत के पात्र नहीं हैं क्योंकि पीड़िता और उसके परिवार को खतरा है.
दो मामलों में सेंगर को मिली है सजा
कुलदीप सिंह सेंगर को दो मामलों में कोर्ट से सजा मिली हुई है. ये मामले 2018 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के मखी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से संबंधित हैं, जिनका फैसला दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में आया था. एक मामला उन्नाव रेप केस से जुड़ा है. आरोप है कि 4 जून, 2017 को कुलदीप सिंह सेंगर ने नौकरी दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर केस की नाबालिग पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया. वहीं, दूसरा मामला उन्नाव रेप केस से ही जुड़ा है, आरोप है कि 3 अप्रैल, 2018 को दुष्कर्म पीड़िता के परिवार ने जब उन्नाव की कोर्ट से इंसाफ मांगा तो आरोपियों ने पीड़िता के पिता पर दिनदहाड़े बेरहमी से हमला किया था. अगले दिन पीड़िता के पिता सुरेंद्र गिरफ्तार हुए और 9 अप्रैल को पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई.
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