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दिल्ली आबकारी नीति केस: हाई कोर्ट में CBI ने निचली कोर्ट के फैसले को बताया ‘कानूनी रूप से गलत’

दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ CBI ने बड़ा कदम उठाया है. एजेंसी ने दिल्ली हाईकोर्ट में 974 पन्नों की विस्तृत रिवीजन याचिका दायर कर निचली अदालत के फैसले को 'कानूनी रूप से गलत' बताया.

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केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने केजरीवाल मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि दिल्ली आबकारी नीति केस में निचली अदालत का फैसला पूरी तरह गलत और कानून के मुताबिक नहीं है. सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में 974 पन्नों की रिवीजन याचिका दायर की है, जिसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था. सीबीआई ने अपनी रिवीजन याचिका में निचली अदालत के फैसले को न केवल ‘गलत’ बताया है, बल्कि इसे कानून की स्थापित प्रक्रियाओं के खिलाफ भी करार दिया है.

सीबीआई ने अपनी याचिका में क्या कहा?

सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि 27 फरवरी को स्पेशल जज जितेंद्र सिंह द्वारा पारित आदेश कानून के खिलाफ है और इसमें गंभीर त्रुटियां हैं. ट्रायल कोर्ट ने मामले की पूरी जांच-पड़ताल किए बिना ही फैसला सुना दिया. कोर्ट ने सिर्फ चुनिंदा तथ्यों पर ध्यान दिया और आरोप तय करने के शुरुआती चरण में ही एक तरह का ‘मिनी ट्रायल’ चला दिया, जो कानूनी प्रक्रिया के विरुद्ध है. सीबीआई ने यह भी कहा कि कोर्ट ने पूरे कथित साजिश को एक साथ देखने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में बांटकर देखा, जिससे जांच एजेंसी के पूरे केस की सही तस्वीर सामने नहीं आ सकी.

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CBI का कहना है कि यह तरीका गलत है और इससे केस की गहराई प्रभावित हुई. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने उस निर्देश पर भी कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें अदालत ने मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी. एजेंसी ने इसे हैरान करने वाला और अनुचित बताया है.

हाईकोर्ट में अगली सुनवाई कब?

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस याचिका पर 9 मार्च 2026 को सुनवाई तय की है. यह मामला जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध है. हाईकोर्ट की इस सुनवाई से मामले में नया मोड़ आ सकता है. यह विकास दिल्ली शराब नीति घोटाले केस में महत्वपूर्ण है, जहां पहले निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को राहत दी थी, लेकिन अब CBI ने मजबूत चुनौती पेश की है.

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First published on: Mar 02, 2026 12:40 PM

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About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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