Parmod chaudhary
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Delhi daily chain snatching case study report: दिल्ली में रोज कहीं न कहीं चेन स्नैचिंग की वारदात सामने आती है। पुलिस लगभग रोज 21 मामले दर्ज करती है। लेकिन अब सामने आया है कि पेशेवर अपराधी अपने साथ लोगों को जोड़ने के लिए किस तरह के हथकंडे अपनाते है। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि चेन स्नैचिंग से पहले बदमाश पूरी तरह से तैयारी करते हैं। बाकायदा इसके लिए पहले ट्रेनिंग दी जाती है।
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एक हिसाब से ऐसे कई ट्रेनिंग कैंप राजधानी में चल रहे हैं। इन्हें चेन पुलिंग सिखाने की पाठशाला भी कह सकते हैं। लगातार बढ़ रही वारदात के बाद लोग भी परेशान हैं। मोबाइल, चेन, सामान या कुछ और चीज। जिसे कभी भी स्नैचर हमला करके लूट सकते हैं। लेकिन शातिर अपराधी नौसिखियों को अपने साथ वारदात में जोड़ने से पहले ट्रेनिंग मुहैया करवाते हैं। ये ट्रेनिंग कई चरणों में होती है।
नौसिखियों को शातिर बदमाश यूट्यूब वीडियो दिखाते हैं। इन वीडियो में दिखाया जाता है कि चेन पुलिंग के बाद कैसे सेफ भागना है। कैसे कीमती सामान पर हाथ साफ करना है। ये नए स्नैचर को सबसे पहले सिखाया जाता है। युवाओं को इसके जरिए बरगलाया जाता है।
दूसरा स्टेप होता है रोल प्ले का। जिसमें एक बदमाश पुलिसकर्मी बनता है। दूसरा स्नैचर। इसके बाद ये लोग किसी भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते हैं। वहां बाजार से बाइक के जरिए निकलने की कोशिश करते हैं। पुलिस बना व्यक्ति बाइक से पीछा करता है। हालांकि इसकी भनक दूसरों को नहीं लगती। इस तरह ये लोग ट्रेंड होते हैं।
इसके बाद जब नया आदमी कुछ एक्सपर्ट होता है, तो ये स्टेप आता है। ये प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का हिस्सा होता है। जिसमें चेन की जगह बाइक पर आइसक्रीम छीनी जाती है। अगर कभी कोई पीछा कर पकड़े या पुलिस रोके, तो आसानी से प्रैंक बना दिया जाता है। क्योंकि ऐसे मामले में कार्रवाई भी क्या होगी।
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ट्रेनिंग का लास्ट पार्ट होता है पार्टनर को तलाश करना। क्योंकि बाइक पर स्नैचिंग में लोगों की जरूरत होती है। एक बाइक चलाने का एक्सपर्ट होता है, दूसरा चेन या मोबाइल छीनने में। ये लोग पहले अपनी ट्यूनिंग को सेट करते हैं। फिर वारदात के लिए शिकार देखते हैं।
सबसे जरूरी काम होता है बाइक का सेलेक्शन। वारदात में स्पीड काफी जरूरी होती है। पुलिस से बचने के लिए स्नैचर को सेकंड भी भारी पड़ जाता है। आमतौर पर चोरी की बाइक यूज की जाती है, वो भी फर्जी प्लेट लगाकर। ट्रेनिंग के दौरान इस बारे में बता दिया जाता है। स्नैचर्स लगभग स्पोर्ट्स बाइक का अधिक यूज करते हैं। इस साल दिल्ली में 5108 मामले स्नैचिंग के दर्ज हो चुके हैं। पिछले साल 8387 वारदात सामने आई थीं। लूटपाट में पति-पत्नी भी पकड़े जा चुके हैं। यानी पति बाइक चलाता, तो पत्नी पीछे बैठकर मोबाइल स्नैच करती।
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