दिल्ली में कहां-कहां चलेगा बुलडोजर का एक्शन? जानिए कहीं आपका घर भी तो लिस्ट में शामिल नहीं!

Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में यमुना के डूब क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तेज हो गई है. DDA और प्रशासन के बुलडोजर एक्शन के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कौन-से इलाके संवेदनशील हैं और किन क्षेत्रों को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है. आइए जानते हैं इस स्टोरी में सभी जोन के बारे में

Delhi bulldozer action

दिल्ली में किस जोन में बुलडोजर का खतरा? (Image: AI)

दिल्ली के कुछ इलाकों में इन दिनों सुबह की शुरुआत गरजते हुए सरकारी बुलडोजरों की गड़गड़ाहट से हो रही है. दिल्ली हाई कोर्ट के कड़े आदेश के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और स्थानीय प्रशासन ने यमुना नदी के डूब क्षेत्र यानी ‘O-Zone’ में आने वाले मजनू का टीला, वजीराबाद, जगतपुर और मोनेस्ट्री मार्केट जैसे क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर एक्शन शुरू कर दिया है. इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरी दिल्ली के मकान मालिकों और दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया है कि कहीं उनके घर के दरवाजे के पास भी यह बुलडोजर न आ जाए. हर कोई सहमा हुआ है और यह जानने को बेताब है कि आखिर दिल्ली को सरकारी कागजों में किन-किन हिस्सों में बांटा गया है, उनके खुद के आशियाने की कानूनी स्थिति क्या है और क्या उनका इलाका भी किसी डेंजर जोन में तो नहीं आता?

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क्या आपके VVIP इलाके पर भी है कोई खतरा?

दिल्ली विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान के अनुसार, पूरी राजधानी को सुनियोजित विकास के लिए कुल 15 प्लानिंग जोनों में विभाजित किया गया है, जिन्हें अंग्रेजी के ‘A’ से लेकर ‘P’ तक के अक्षरों (I को छोड़कर) से पहचाना जाता है. इसमें सबसे पहला Zone A पुरानी दिल्ली के चारदीवारी वाले ऐतिहासिक हिस्सों जैसे चांदनी चौक, जामा मस्जिद, कश्मीरी गेट और पहाड़गंज को समेटता है. इसके ठीक बगल में Zone B है, जिसे पुरानी दिल्ली का विस्तार माना जाता है और इसमें करोल बाग, पटेल नगर और आनंद पर्वत जैसे मुख्य क्षेत्र आते हैं. सत्ता के सबसे बड़े केंद्र यानी वीवीआईपी लुटियंस दिल्ली, कनॉट प्लेस, चाणक्यपुरी और खान मार्केट को Zone D में सुरक्षित रखा गया है.

घनी आबादी वाले रिहायशी जोन

अगर हम उत्तरी दिल्ली की बात करें, तो Zone C के तहत आजादपुर, सिविल लाइंस, कमला नगर, दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस और मॉडल टाउन जैसे वीआईपी और छात्र-बहुल इलाके आते हैं. वहीं, यमुना पार के पूरे क्षेत्र यानी पूर्वी दिल्ली को Zone E का नाम दिया गया है. इस जोन में शाहदरा, मयूर विहार, लक्ष्मी नगर और आनंद विहार जैसे बेहद घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं. अगर कोई भी निर्माण तय मास्टर प्लान के विपरीत पाया जाता है, तो उस पर प्रशासन की टेढ़ी नजर पड़ना तय है, इसलिए यहां के निवासियों को अपनी कागजी स्थिति स्पष्ट रखनी चाहिए.

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पॉश कॉलोनियों से लेकर बड़े व्यापारिक केंद्र किस जोन में

दिल्ली के सबसे आलीशान और विकसित हिस्सों को Zone F में जगह मिली है, जिसके अंतर्गत साकेत, वसंत कुंज, ग्रेटर कैलाश, ग्रीन पार्क और नेहरू प्लेस जैसे पॉश इलाके आते हैं. वहीं, पश्चिमी दिल्ली का मुख्य और सबसे जीवंत हिस्सा Zone G कहलाता है, जिसमें राजौरी गार्डन, पंजाबी बाग, जनकपुरी और उत्तम नगर जैसे बड़े रिहायशी और कमर्शियल हब शामिल हैं. उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सुनियोजित विकास के लिए बनाए गए Zone H में रोहिणी फेज 1 और 2, पीतमपुरा और शालीमार बाग को रखा गया है.

जानिए कहां चल रहा है प्रशासन का सबसे कड़ा एक्शन

इस पूरी सूची में सबसे आखिरी और संवेदनशील हिस्से बाहरी दिल्ली और यमुना के किनारे हैं. दक्षिण दिल्ली के ग्रामीण व अर्बन विलेज जैसे महरौली, छतरपुर और सैनिक फार्म्स Zone J में आते हैं, जबकि द्वारका सब-सिटी और नजफगढ़ Zone K का हिस्सा हैं. रोहिणी के आगे के फेज Zone M में और बवाना-कंझावला जैसे हरियाणा बॉर्डर के ग्रामीण इलाके Zone N में शामिल हैं. सबसे ज्यादा चर्चा और खौफ इस समय Zone O को लेकर है, जो पूरी तरह से यमुना नदी का कछार और डूब क्षेत्र है. इसी जोन में मजनू का टीला, जगतपुर और मदनपुर खादर का कछार आता है जहां हाल ही में बुलडोजर चला है. आखिर में Zone P आता है, जिसमें नरेला और बुराड़ी जैसे उत्तरी छोर शामिल हैं. ऐसे में आपका घर नदी क्षेत्र से दूर वैध कॉलोनियों में है, तो आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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