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दिल्ली

वित्त मंत्री का फर्जी वीडियो बनाकर बुजुर्ग से लूटे लाखों रुपये, दिल्ली पुलिस ने दबोचे गिरोह के 11 मेंबर

दिल्ली पुलिस ने एआई की मदद से वित्त मंत्री का डीपफेक वीडियो बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो निवेश के नाम पर करोड़ों लूट रहे थे.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 25, 2026 07:12

राजधानी दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल का एक बेहद डरावना मामला सामने आया है. दिल्ली पुलिस की दक्षिण-पश्चिम जिला टीम ने एक ऐसे संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो देश की केंद्रीय वित्त मंत्री का डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से लाखों की ठगी कर रहा था. पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि ये शातिर ठग एआई तकनीक की मदद से वित्त मंत्री का फर्जी वीडियो तैयार करते थे, जिसमें लोगों को एक खास ऐप के जरिए निवेश करने पर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को देखकर आम लोग आसानी से इनके झांसे में आ रहे थे.

60 साल के बुजुर्ग से 22 लाख की ठगी

ठगी के इस खेल का खुलासा तब हुआ जब एक 60 साल के बुजुर्ग ने पुलिस में 22.67 लाख रुपये की चपत लगने की शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित ने बताया कि उन्होंने फेसबुक पर वित्त मंत्री का एक वीडियो देखा था, जिसमें ‘मुद्रावन ऐप’ के जरिए निवेश करने की सलाह दी गई थी. वीडियो पर भरोसा कर बुजुर्ग ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया. ठगों ने ‘निवेश सलाहकार’ बनकर उनसे संपर्क साधा. शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने ऐप पर कुछ फर्जी मुनाफा भी दिखाया, लेकिन जैसे ही बुजुर्ग ने बड़ी रकम निवेश की आरोपियों ने सारे संपर्क बंद कर दिए. साइबर थाना एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवीण कौशिश और उनकी टीम ने जब वीडियो की बारीकी से जांच की तो पता चला कि वह पूरी तरह से एक ‘डीपफेक’ था. जिसे एआई से बनाया गया था.

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कंबोडिया से जुड़ा है ठगी का कनेक्शन

दिल्ली पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि यह गिरोह भारत में बैठकर कंबोडिया में मौजूद मास्टरमाइंड्स के लिए काम कर रहा था. पकड़े गए आरोपी कंबोडियाई साइबर अपराधियों के इशारे पर लोगों को ठगने का जाल बिछाते थे. छापेमारी के दौरान पुलिस ने इन ठगों के पास से 40 मोबाइल फोन. 92 फर्जी सिम कार्ड, 39 पासबुक-चेकबुक और 27 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं. इसके अलावा आरोपियों के लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों से कई अहम सुराग मिले हैं. डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से फर्जी दस्तावेजों पर सिम कार्ड और बैंक खाते हासिल करता था, ताकि पुलिस की पकड़ से दूर रह सके.

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साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी

एआई और डीपफेक के बढ़ते खतरों के बीच पुलिस ने आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है. एसआई लव देसवाल और उनकी टीम ने बताया कि आज के दौर में किसी भी वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है. खासकर अगर कोई वीडियो आपको रातों-रात अमीर बनने या किसी अनजान ऐप में निवेश करने के लिए उकसा रहा हो, तो सावधान हो जाएं. वित्त मंत्री या किसी भी बड़े व्यक्तित्व का चेहरा इस्तेमाल कर ठग आपकी मेहनत की कमाई लूट सकते हैं. पुलिस अब इन 11 आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है. साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.

First published on: Mar 25, 2026 06:45 AM

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