Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दिल्ली

केरल के बाद अब बदलेगा दिल्ली का नाम? BJP सांसद ने ASI सर्वे को आधार बनाकर सीएम-गृह मंत्री को लिखा पत्र

दिल्ली को पुराना पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। चांदनी चौक सीट से बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने इसके प्रयास शुरू किए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का अनुरोध किया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

Author
Edited By : Raghav Tiwari Updated: Feb 25, 2026 14:42

मोदी कैबिनेट ने 24 फरवरी को केरल राज्य के नाम बदलने को मंजूरी दे दी है। अब केरल की पहचान केरलम के रूप में होगी। इसके बाद अब दिल्ली का नाम बदलने की भी मांग उठने लगी है। बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने सीएम रेखा गुप्ता और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।

दिल्ली को पुराना पहचान दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। चांदनी चौक सीट से बीजेपी सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने इसके प्रयास शुरू किए हैं। सांसद ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का अनुरोध किया है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: केरल कहलाएगा ‘केरलम’! श्रीनगर में बनेगा एयरपोर्ट, मोदी कैबिनेट की मीटिंग में इन फैसलों को मिली मंजूरी

सांसद का कहना है कि इससे भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को फिर से स्थापित करेगा। साथ ही सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी स्थान पर संभवतः पुराना किला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं। इससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके।

---विज्ञापन---

सीएम रेखा गुप्ता को लिखे पत्र में सांसद खंडेलवाल ने अनुरोध किया कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने के लिए एक प्रस्ताव पास किया जाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है। उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: केरल अब होगा ‘केरलम’! कैसे बदला जाता है किसी राज्य का नाम? प्रोसेस नहीं आसान

खंडेलवाल ने पत्र में नाम बदलने की दलील देते हुए लिखा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है। उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहां आज दिल्ली है।

इन्ही तथ्यों को आधार बताते हुए खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली नाम अपेक्षाकृत बाद के मध्यकालीन दौर में प्रचलन में आया, जिसे इतिहासकार ढिल्लिका या देहली जैसे नामों से जोड़ते हैं। लेकिन यह इसकी मूल और प्राचीन सभ्यतागत पहचान का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

First published on: Feb 25, 2026 02:25 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.