2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा सियासी दांव खेला है. सीएम ममता का फोकस हिंदू वोटर्स पर है. इसी कड़ी में ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता के न्यू टाउन में दुर्गा आंगन की नींव रखी है. ममता बनर्जी ने कहा कि ये दुनिया का सबसे बड़ा दुर्गा आंगन होगा और साल के 365 दिन श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे. उन्होंने आगे कहा कि ये बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने की कोशिश है. करीब 2 लाख वर्ग फुट में बनने वाले इस मंदिर परिसर में देवी देवताओं के अलग-अलग मंदिर होंगे. 262 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मंदिर में करीब 2 साल का वक्त लग जाएगा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ये परिसर एक कल्चर सेंटर भी होगा, जो लोकल बिजनेस और हस्तशिल्प को बढ़ावा देगा. यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त विरासत का दर्जा दिया है जिसका जिक्र करते हुए सीएम ममता ने खुशी जाहिर की.
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दुर्गा आंगन में क्या होगा खास?
दुर्गा आंगन परिसर में 1008 स्तंभ, 108 प्रतिमाएं और 64 सिंह मूर्तियां होंगी. सीएम ममता ने कहा कि ये मंदिर इतना विशाल होगा कि एक बार में 1 हजार लोग बैठकर पूजा कर सकेंगे. दुर्गा आंगन का गर्भगृह 54 मीटर ऊंचा होगा. आंगन में एक कल्चरल म्यूजियम भी तैयार किया जाएगा. इसके अलावा प्रसाद रसोई, सिंह रसोई, परिक्रमा पथ और पवित्र कुंड भी बनाया जाएगा. सीएम ममता ने आगे बताया कि दुर्गा आंगन में हरियाली का खास ख्याल रखते हुए 300 से ज्यादा पेड़ और एक हजार फूल वाले पौधे लगाए जाएंगे. मंदिर परिसर को कुछ इस तरह तैयार किया जाएगा जहां सिर्फ 20 प्रतिशत इलाके में ही AC की जरूरत होगी. दुर्गा आंगन को सुचारू रूप से चलाने के लिए चीफ सेक्रेटरी के नेतृत्व में एक ट्रस्ट का गठन किया गया है.
हिंदू मतदाताओं को साधने की कोशिश
दरअसल बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी के इस तरह के ऐलान बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है. बीजेपी लगातार ममता बनर्जी के ऊपर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाती रही है, ममता बनर्जी ने उनपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वो सभी धर्मों में विश्वास रखती हैं. उन्होंने कहा कि वो सभी धर्मों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं. लेकिन बंगाल चुनाव से पहले दुर्गा आंगन और महाकाल मंदिर बनाने का ऐलान करने की वजह है हिंदू वोटर्स, जिन्हें साधने की कोशिश में ममता बनर्जी जुटी हैं.
ये भी पढ़ें: 2026 का चुनावी चक्रव्यूह: चार राज्य, 15 दिन और बीजेपी का मिशन जीत…, ममता के किले को भेदने की तैयारी
महाकाल मंदिर बनाने का किया ऐलान
सीएम ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग में बनने वाले महाकाल मंदिर को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में महाकारल मंदिर की नींव रखी जाएगी. ममता सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए करीब 25.15 एकड़ जमीन दी है. सीएम ममता ने बताया कि महाकाल मंदिर के साथ-साथ मॉडर्न कल्चरल सेंटर भी तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे बंगाल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. इसके अलावा ममता बनर्जी ने ये भी ऐलान किया है कि वो 5 जनवरी को गंगासागर सेतु का भी शिलान्यास करेंगी, जिसके निर्माण के लिए बंगाल सरकार 1700 करोड़ रुपये देगी.
2026 में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा सियासी दांव खेला है. सीएम ममता का फोकस हिंदू वोटर्स पर है. इसी कड़ी में ममता बनर्जी ने सोमवार को कोलकाता के न्यू टाउन में दुर्गा आंगन की नींव रखी है. ममता बनर्जी ने कहा कि ये दुनिया का सबसे बड़ा दुर्गा आंगन होगा और साल के 365 दिन श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे. उन्होंने आगे कहा कि ये बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखने की कोशिश है. करीब 2 लाख वर्ग फुट में बनने वाले इस मंदिर परिसर में देवी देवताओं के अलग-अलग मंदिर होंगे. 262 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस मंदिर में करीब 2 साल का वक्त लग जाएगा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ये परिसर एक कल्चर सेंटर भी होगा, जो लोकल बिजनेस और हस्तशिल्प को बढ़ावा देगा. यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त विरासत का दर्जा दिया है जिसका जिक्र करते हुए सीएम ममता ने खुशी जाहिर की.
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दुर्गा आंगन में क्या होगा खास?
दुर्गा आंगन परिसर में 1008 स्तंभ, 108 प्रतिमाएं और 64 सिंह मूर्तियां होंगी. सीएम ममता ने कहा कि ये मंदिर इतना विशाल होगा कि एक बार में 1 हजार लोग बैठकर पूजा कर सकेंगे. दुर्गा आंगन का गर्भगृह 54 मीटर ऊंचा होगा. आंगन में एक कल्चरल म्यूजियम भी तैयार किया जाएगा. इसके अलावा प्रसाद रसोई, सिंह रसोई, परिक्रमा पथ और पवित्र कुंड भी बनाया जाएगा. सीएम ममता ने आगे बताया कि दुर्गा आंगन में हरियाली का खास ख्याल रखते हुए 300 से ज्यादा पेड़ और एक हजार फूल वाले पौधे लगाए जाएंगे. मंदिर परिसर को कुछ इस तरह तैयार किया जाएगा जहां सिर्फ 20 प्रतिशत इलाके में ही AC की जरूरत होगी. दुर्गा आंगन को सुचारू रूप से चलाने के लिए चीफ सेक्रेटरी के नेतृत्व में एक ट्रस्ट का गठन किया गया है.
हिंदू मतदाताओं को साधने की कोशिश
दरअसल बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी के इस तरह के ऐलान बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है. बीजेपी लगातार ममता बनर्जी के ऊपर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाती रही है, ममता बनर्जी ने उनपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वो सभी धर्मों में विश्वास रखती हैं. उन्होंने कहा कि वो सभी धर्मों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं. लेकिन बंगाल चुनाव से पहले दुर्गा आंगन और महाकाल मंदिर बनाने का ऐलान करने की वजह है हिंदू वोटर्स, जिन्हें साधने की कोशिश में ममता बनर्जी जुटी हैं.
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महाकाल मंदिर बनाने का किया ऐलान
सीएम ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग में बनने वाले महाकाल मंदिर को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में महाकारल मंदिर की नींव रखी जाएगी. ममता सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए करीब 25.15 एकड़ जमीन दी है. सीएम ममता ने बताया कि महाकाल मंदिर के साथ-साथ मॉडर्न कल्चरल सेंटर भी तैयार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे बंगाल में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. इसके अलावा ममता बनर्जी ने ये भी ऐलान किया है कि वो 5 जनवरी को गंगासागर सेतु का भी शिलान्यास करेंगी, जिसके निर्माण के लिए बंगाल सरकार 1700 करोड़ रुपये देगी.