झीरम घाटी नक्सली हमला 2013: NIA कोर्ट में 10 के खिलाफ आरोप तय, जानिए कब सुनाई जाएगी सजा

Chhattisgarh Naxal Attack 2013: छत्तीसगढ़ में तकरीबन 13 साल पहले झीरम घाटी में नक्सली हमला हुआ था, जिसमें 32 लोगों की मौत हो गई थी. अब एनआईए की विशेष अदालत ने 10 लोगों को दोषी करार दे दिया है. अब इसी महीने कोर्ट सजा तय करेगी.

NIA ANI

एनआईए कोर्ट (Photo-ANI)

Jhiram Ghati Naxal Attack 2013: छत्तीसगढ़ के झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में करीब 13 साल बाद अदालत ने आरोप तय कर दिए है. जगदलपुर की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने शनिवार, 5 अगस्त 2026 को इस मामले में बचे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं. अदालत अब 16 सितंबर को उनकी सजा सुनाएगी. केस में दोनों पक्षों की आखिरी दलीलें 12 अगस्त को पूरी हो गई थीं. इसके बाद विशेष अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. पहले 31 अगस्त को फैसला सुनाए जाने की तारीख तय थी, लेकिन बाद में इसमें बदलाव किया गया.

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एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत

इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. मुकदमे की कार्यवाही के दौरान इनमें से एक आरोपी की मौत हो गई. वहीं एनआईए की चार्जशीट में 33 अन्य लोगों को फरार आरोपी के तौर पर शामिल किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से कुछ नक्सली बाद में सरेंडर कर चुके हैं.

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ऊपरी अदालत में अपील करेंगे आरोपी

बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने कहा है कि अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी. उन्होंने बताया कि अभी फैसले की कॉपी उन्हें नहीं मिली है. कॉपी मिलने के बाद अपील के कानूनी आधार और दलीलें तय की जाएंगी.

झीरम घाटी में क्या हुआ था?

25 मई 2013 को बस्तर के दरभा इलाके की झीरम घाटी में माओवादियों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ को निशाना बनाकर घातक हमला किया था. नेशनल हाइवे पर हुए इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी की मौत हुई थी. कुल 32 लोगों की जान गई थी, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

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कांग्रेस के इन नेताओं की हत्या

मृतकों में तत्कालीन छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और पूर्व विधायक उदय मुदलियार जैसे बड़े नाम शामिल थे. महेंद्र कर्मा नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए सलवा जुडूम आंदोलन के बड़े चेहरों में रहे थे.

पुलिस के बाद NIA ने संभाली थी जांच

इस हमले के बाद शुरुआत में पुलिस ने मामला दर्ज किया था. तत्कालीन राज्य सरकार ने कुछ ही वक्त बाद जांच एनआईए को सौंप दी. घटना की न्यायिक जांच के लिए हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग भी गठित किया गया था. जांच के दौरान एनआईए ने बड़ी तादाद में संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की. मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए. अब अदालत ने मुकदमे में बचे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दे दिया है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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