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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रात 10 बजे दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई, छुट्टी के दिन पार्किंग की जमीन पर बहस

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रात 10 बजे एक याचिका दायर की गई, जिसमें तत्काल सुनवाई की मांग की गई। इसके बाद छुट्टी के दिन भी कोर्ट में सिंगल बेंच की पीठ ने मामले की सुनवाई की और आदेश भी जारी किया।

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Edited By : Pooja Mishra Updated: Mar 31, 2024 17:34
Chhattisgarh High Court
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ से एक बहुत ही अजीब और गरीब मामला सामने आया है, दरअसल यहां पार्किंग की जमीन को लेकर 10 बजे रात को हाई कोर्ट में तत्काल सुनवाई की याचिका दायर की गई। इसके बाद छुट्टी के दिन भी कोर्ट में सिंगल बेंच की पीठ ने मामले की सुनवाई की और आदेश भी जारी किया।

यह है मामला 

दरअसल, मामला कुछ ऐसा है कि बिलासपुर शहर के बीचो-बीच नूतन चौक पर सरकंडा करने वाले हरीश राठौर ने 6 दुकानें बनाई हैं। दुकानों के निर्माण से पहले हरीश राठौर ने निगम से जो नक्शा पास करवाया था। उसमें उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग का एरिया दर्शाया था, लेकिन बाद में हरीश राठौर ने उस जगह पर भी दुकानें बना दी। इसके बाद उसने चौक के मुख्य मार्ग के किनारे 800 फीट जमीन पर पार्किंग बनाई, जो कि एक सरकारी जमीन थी। इसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने निगम में इसकी शिकायत कर दी। निगम की जांच में पाया गया कि दुकानों का निर्माण नक्शा और ड्राइंग डिजाइन के विपरीत हुआ। इसके बाद शुक्रवार शाम को निगम ने चेतावनी देते हुए हरीश से कहा कि अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इस अवैध निर्माण को वह खुद ही हटा ले नहीं तो निगम की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।

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यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के लिए 3 दिनों में सिर्फ एक नामांकन दाखिल, जानें अधिकारियों ने क्या खुलासा किया?

कोर्ट का आदेश 

इसके बाद ही शुक्रवार को रात 10 बजे हरीश राठौर के वकील ने हाई कोर्ट में ऑनलाइन याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई की मांग की। इसके बाद छुट्टी होने के बावजूद शनिवार को कोर्ट में सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश भी जारी कर बिलासपुर नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता को यह निर्देश दिया कि वह 3 हफ्ते के अंदर अपनी गलतियों को सुधार लें। इस बीच निगम की तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट 3 हफ्ते बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगी।

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First published on: Mar 31, 2024 05:34 PM

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