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लालू यादव से मिलने क्यों पहुंचे सीएम नीतीश के करीबी गुलाम गौस? चुनाव से पहले सियासत गरमाई

बिहार में चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। वक्फ बिल को लेकर नीतीश सरकार की लगातार आलोचना हो रही है। इस बीच सीएम नीतीश के करीबी एमएलसी गुलाम गौस सोमवार को ईद के मौके पर लालू यादव से मिलने पहुंचे। ऐसे में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई है।

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अमिताभ ओझा, पटना

बिहार में राजनीतिक दलों ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है। रविवार को गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में पटना में सीएम आवास में बैठक हुई। बैठक में सीएम नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हुए। इसमें सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। इस बीच प्रदेश में बक्फ बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरजेडी वक्फ बिल पर केंद्र सरकार के समर्थन को लेकर नीतीश कुमार पर हमलावर है। आरजेडी के नेता पोस्टर और बयानों के जरिए आरजेडी पर निशाना साध रहे हैं।

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सियासी अटकलें तेज

पटना में जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस अचानक राबड़ी आवास पहुंचे। यहां उन्होंने आरजेडी प्रमुख लालू यादव से मुलाकात की। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले गुलाम गौस की लालू से मुलाकात के बाद सियासत गरमा गई है। लालू यादव से मिलकर बाहर निकले गुलाम गौस ने कहा कि उनके लालू यादव से बड़े अच्छे संबंध रहे हैं इसलिए मैं उनसे मिलने आया था। ऐसे में जेडीयू एमएलसी के लालू यादव से मिलने पर कई सवाल उठ रहे हैं।

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ईद है इसलिए मिलने आया

जेडीयू में कई मुस्लिम नेता हैं जो कभी लालू यादव से मिलने नहीं आते हैं। ऐसे में गुलाम गौस का अचानक मिलने पहुंचना कई सवाल खड़े कर गया। वहीं गुलाम गौस ने कहा कि ईद का समय है ऐसे में मैं कुछ ज्यादा नहीं बोलना चाहता हूं। वहीं वक्फ बिल को लेकर भी उनसे सवाल किए गए लेकिन वे बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या गुलाम गौस वक्फ बिल पर पार्टी के स्टैंड को लेकर सीएम नीतीश कुमार से नाराज हैं?

नीतीश कुमार के सामने ये समस्या

सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार वक्फ बिल को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार के साथ है। फिलहाल नीतीश कुमार पसोपेश की स्थिति में हैं। एक तरह उनका गठबंधन धर्म है तो दूसरी तरफ मुस्लिम वोट बैंक। ऐसे में नीतीश कुमार बीच का रास्ता निकालने में जुटे हैं। राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी नीतीश कुमार इस दोहरी समस्या से कैसे निपटते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा?

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First published on: Mar 31, 2025 11:08 AM

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