Bihar Rapid Rail: दिल्ली-मेरठ की तरह अब बिहार में भी दौड़ेगी रैपिड ट्रेन! पटना समेत इन शहरों के लिए बनेंगे हाई-स्पीड कॉरिडोर

पटना समेत बिहार के कई शहरों में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए राज्य सरकार ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. मंत्रिमंडल ने चार आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार करने को मंजूरी दी है.

Bihar Rapid Rail Project

बिहार में रैपिड रेल को लेकर बड़ा अपडेट. (Image: AI/Pexels)

खबर की मुख्य बातें:-

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  • बिहार सरकार ने राज्य में  RRTS कॉरिडोर पर मुहर लगा दी है, जिससे राज्य के कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच कनेक्टिविटी आसान हो सकेगी.
  • इस प्रोजेक्ट की तर्ज पर 4 रैपिड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिसमें पटना-गया, पटना एयरपोर्ट-बेगूसराय, पटना-हाजीपुर-प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट- मुजफ्फरपुर और पटना एयरपोर्ट-आरा शामिल हैं.
  • निगम इन चारों रूटों के लिए ‘अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट’ और ‘डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (डीपीआर) तैयार करेगा. इसके लिए कैबिनेट ने 31.59 करोड़ की राशि मंजूर की है.

रैपिड रेल प्रोजेक्ट अभी दिल्ली- मेरठ के बीच चालू है, जो रोजाना बड़ी संख्या में लोगों को लंबी दूरी की यात्रा कम वक्त में करने में मदद कर रहा है. इस रेल प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद, दिल्ली से मेरठ तक की घंटों की थकाऊ यात्रा से लोगों को आजादी मिल गई है. इसका सबसे बढ़ा फायदा नौकरी, पढ़ाई, इलाज आदि कामकाजी लोगों को पहुंच रहा है. इसी कड़ी में बिहार सरकार ने भी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) की दिशा में कदम उठा दिए हैं, जिसका फायदा राज्य के लाखों व करोड़ों लोगों को होने वाला है.

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बिहार के लिए क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?

बिहार की राजधानी पटना और कई अन्य शहरों में हर दिन पढ़ाई, इलाज, व्यापार, सरकारी कामकाज के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता है. इस कारण सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है, जिस कारण जो यात्रा 15-20 मिनट में पूरी होनी चाहिए, जाम के कारण वह यात्रा 1 घंटे खा लेती है. इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि सफर भी थकाऊ हो जाता है. ऐसे में पटना जैसे शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम करने की इस चुनौती का स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने RRTS की दिशा में अपना कदम उठाया है, ताकि इस समस्या से निपटा जा सके.

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राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल के साथ बड़ी बैठक हुई थी. इस बैठक के दौरान RRTS जैसी महत्वाकांक्षी योजना सहित 22 एजेंडों पर मंजूरी दी है. माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से बिहार के राज्यों के बीच सफर पहले से कई गुना आसान और तेज हो जाएगा, जिसकी काफी लंबे वक्त से जरूरत भी थी.

बिहार में कहां-कहां बनाए जाएंगे रैपिड रेल कॉरिडोर?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार सरकार ने रैपिड रेल प्रोजेक्ट को लेकर 4 मुख्य कॉरिडोर पर सहमति दी है. इनमें पटना से गयाजी कॉरिडोर, पटना एयरपोर्ट से बेगूसराय कॉरिडोर, पटना से हाजीपुर-प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर और पटना एयरपोर्ट-आरा कॉरिडोर शामिल है. इतना ही नहीं, सरकार ने इस बड़ी योजना का जिम्मा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंपा दिया है.

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कब शुरू होगा इस महा परियोजना पर काम

इस प्रोजेक्ट का काम जल्दी शुरू हो सके, इसके लिए निगम इन चारों रूटों के लिए ‘अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट’ और ‘डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (डीपीआर) तैयार करेगा. इसके लिए कैबिनेट ने 31.59 करोड़ की राशि मंजूर की है. इस रिपोर्ट से मालूम चलेगा कि किन रूटों पर कौन सा सिस्टम सबसे किफायती होगा और कहां पटरियां अंडरग्राउंड होगी और कहां एलिवेटेड रूट्स बनाए जाएंगे. इसके अलावा एनसीआरटीसी अध्ययन करेगी कि किन मार्गों पर यात्रियों की संख्या सबसे ज्यादा रहेगी और कहां इस प्रोजेक्ट की मांग ज्यादा रहेगी. साथ ही, संभावित रूट, स्टेशन, यात्री संख्या, लागत, भूमि की कितनी जरूरत पड़ेगी, निर्माण तकनीक, लागत आदि इसी रिपोर्ट के माध्यम से तय की जाएगी.

विषयजानकारी
प्रोजेक्ट का नामबिहार रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS)
मंजूरीबिहार कैबिनेट ने 4 RRTS कॉरिडोर की DPR तैयार करने को मंजूरी दी
DPR के लिए मंजूर राशि₹31.59 करोड़
DPR तैयार करने वाली एजेंसीराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC)
प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर1. पटना – गया
2. पटना एयरपोर्ट – बेगूसराय
3. पटना – हाजीपुर – प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट – मुजफ्फरपुर
4. पटना एयरपोर्ट – आरा
DPR में क्या तय होगा?रूट, स्टेशन, लागत, यात्री संख्या, एलिवेटेड/अंडरग्राउंड ट्रैक, भूमि आवश्यकता और निर्माण तकनीक
मुख्य उद्देश्यट्रैफिक जाम कम करना और शहरों के बीच हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना
किन लोगों को सबसे ज्यादा फायदा?नौकरीपेशा, छात्र, व्यापारी, मरीज, सरकारी कर्मचारियों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को
संभावित लाभकम समय में यात्रा, ट्रैफिक में कमी, बेहतर कनेक्टिविटी, रियल एस्टेट विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा
मौजूदा स्थितिफिलहाल DPR तैयार की जाएगी, उसके बाद परियोजना के निर्माण पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.

अभी स्थिति कैसी है? प्रोजेक्ट से क्या फायदा मिलेगा

अभी बिहार में इन शहरों के बीच यात्रा करने के लिए लोगों को बस, ऑटो और रेल के भरोसे रहना पड़ता है. इससे न सिर्फ सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं, जो लोग रेल से यात्रा करते हैं, उन्हें घंटों रेल का इंतजार करना पड़ता है और अगर ट्रेन ज्यादा लेट हो जाए, तो आगे की तमाम प्लानिंग खराब हो जाती है. ऐसे में इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से लोगों को कम कीमत में लंबी दूरी कम समय में पूरी करने में मदद मिलेगी और साथ ही, सड़क आदि पर मौजूद ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा. आपको बता दें कि बिहार जैसे राज्यों में अन्य महानगरों की तरह मिनटों में कैब नहीं मिल पाती है, ऐसे में लोगों को एयरपोर्ट व स्टेशन से कई घंटों का लंबा सफर बस-टैक्सी से पूरा करना पड़ता है.

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रियल एस्टेट को भी मिलेगा फायदा

रियल एस्टेट की नजरिये से देखें, तो इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से रूट के आसपास की जमीनों की कीमतों में अच्छा-खासा उछाल देखने को मिल सकता है. दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के शुरू होने से जिन-जिन जगहों पर स्टेशन बने और यह कॉरिडोर गुजरा वहां आज पहले के मुकाबले जमीन, फ्लैट्स की कमीत में बहुत अच्छा इजाफा देखने को मिला. ऐसे में बिहार में भी स्थानीय लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.

मुख्य निष्कर्ष:- बिहार में भी रैपिड रेल की योजना पहुंच चुकी है, जिसका सबसे ज्यादा फायदा हर दिन नौकरी, पढ़ाई, इलाज, व्यापार और सरकारी कामकाज के लिए शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को होगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से कई घंटों का सफर कम समय में पूरा हो सकेगा.

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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