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बिहार में अफसरों की खैर नहीं! 1 महीने तक फाइल रोकी तो होगा एक्शन; CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि जब तक लोगों के आवेदन आने बंद नहीं होंगे तब तक यह सहयोग शिविर चलता रहेगा. इसका मूल मकसद लोगों की समस्याओं का यथाशीघ्र निष्पादन करना है. (सौरव कुमार की रिपोर्ट)

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बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया है. अगर किसी फाइल को एक महीने तक रखने और कारवाई नहीं होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. सहयोग शिविर पोर्टल लॉन्च के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि पोर्टल पर अगर कोई शिकायत आती है और उस शिकायत का निपटारा किसी भी पदाधिकारी या कर्मचारियों की ओर से एक महीने के भीतर नहीं किया जाता है तो उस कर्मचारी और अधिकारी को निलंबित कर दिया जाएगा और उसके बाद उसकी सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बड़ी बैठक के बाद यह फैसला लिया है. मंत्री श्रवण कुमार ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा की जिन अधिकारी और कर्मचारियों के पास शिकायत एक महीने से ज्यादा रह गई और उस पर कार्रवाई नहीं हुई तो निलंबन के साथ-साथ उन्हें बर्खास्त भी कर दिया जाएगा.

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मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि जब तक लोगों के आवेदन आने बंद नहीं होंगे तब तक यह सहयोग शिविर चलता रहेगा. इसका मूल मकसद लोगों की समस्याओं का यथाशीघ्र निष्पादन करना है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इसका रियल टाइम मॉनिटरिंग करेंगे. हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को बिहार के सभी पंचायतों में सहयोग शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.

बता दें, सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सहयोग शिविर से संबंधित सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 एवं सहयोग पोर्टल रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का रिमोट के माध्यम से लोकार्पण किया.

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First published on: May 11, 2026 09:45 PM

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