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बिहार
3 बच्चों की देने जा रहा था बलि? किडनैप कर मंदिर ले जा रहा तांत्रिक गिरफ्तार
बिहार के मनेर प्रखंड के मुरलीगंज थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. गौशाला वार्ड संख्या-2 से तीन नाबालिग बच्चों के कथित अपहरण और उन्हें पूजा के बहाने मंदिर ले जाने की घटना सामने आई है. जिसके बाद इलाके के लोग सदमे में हैं.
बिहार के मनेर प्रखंड के मुरलीगंज थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. गौशाला वार्ड संख्या-2 से तीन नाबालिग बच्चों के कथित अपहरण और उन्हें पूजा के बहाने मंदिर ले जाने की घटना सामने आई है. जिसके बाद इलाके के लोग सदमे में हैं. वहीं, गनीमत रही कि परिजनों की सतर्कता और स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते तीनों बच्चों की जान बच गई और आरोपी पकड़ा गया.
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे एक अज्ञात व्यक्ति गौशाला गेट के पास पहुंचा, जहां 16 साल का रोहित कुमार, 13 साल का मिथुन कुमार और 8 साल का रघु कुमार खेल रहे थे. आरोपी ने खुद को धार्मिक व्यक्ति बताते हुए बच्चों को कुमारखंड प्रखंड स्थित लक्ष्मीपुर चंडी स्थान मंदिर में पूजा कराने की बात कही. इस दौरान बच्चों ने भी समझदारी दिखाई और उसके साथ जाने से मना किया लेकिन आरोपी ने जबरन उन्हें एक ई-रिक्शा में बैठा लिया और उन्हें मंदिर की ओर ले गया.
इस दौरान रोहित कुमार ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने मोबाइल फोन से अपनी बहन को पूरी घटना बता दी. सूचना मिलते ही परिजन बिना देर किए बच्चों की तलाश में निकल गए. जिसके बाद परिजन लक्ष्मीपुर चंडी स्थान पहुंचे, जहां स्थानीय ग्रामीणों की ममद से आरोपी को बच्चों के साथ पकड़ लिया गया.
आरोपी के बैग से मिला छुरा
ग्रामीणों ने जब आरोपी के बैग की तलाशी लो तो उसमें एक छुरा भी मिला. इसके अलावा उसके पास के अन्य कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ. इसके बच्चों की बलि दिए जाने की आशंका जताई जाने लगी, जिससे गांव में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर कुमारखंड पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया. आरोपी को मुरलीगंज पुलिस के हवाले किया गया है.
कौन है आरोपी?
मिली जानकारी के अनुसार जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने खुद को 46 साल का कन्हैया कुमार बताया और खुद को बेगूसराय जिले के तेगरहा पुरानी बाजार का निवासी बताया. आरोपी ने सभी आरोपों को निराधार बताया और दावा किया कि वह सालों से मोतियों की माला बेचने का काम करता है और पूजा-पाठ में उसकी गहरी आस्था है. उसने यह भी कहा कि बच्चों के प्रति उसे स्नेह है इसीलिए वह उन्हें मंदिर लेकर गया था. वहीं, चाकू को लेकर उसने कहा कि यह चाकू सब्जी काटने के लिए इस्तेमाल होता है. फिलहाल पुलिस पूरे मामेल की जांच कर रही है.
बिहार के मनेर प्रखंड के मुरलीगंज थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. गौशाला वार्ड संख्या-2 से तीन नाबालिग बच्चों के कथित अपहरण और उन्हें पूजा के बहाने मंदिर ले जाने की घटना सामने आई है. जिसके बाद इलाके के लोग सदमे में हैं. वहीं, गनीमत रही कि परिजनों की सतर्कता और स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते तीनों बच्चों की जान बच गई और आरोपी पकड़ा गया.
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे एक अज्ञात व्यक्ति गौशाला गेट के पास पहुंचा, जहां 16 साल का रोहित कुमार, 13 साल का मिथुन कुमार और 8 साल का रघु कुमार खेल रहे थे. आरोपी ने खुद को धार्मिक व्यक्ति बताते हुए बच्चों को कुमारखंड प्रखंड स्थित लक्ष्मीपुर चंडी स्थान मंदिर में पूजा कराने की बात कही. इस दौरान बच्चों ने भी समझदारी दिखाई और उसके साथ जाने से मना किया लेकिन आरोपी ने जबरन उन्हें एक ई-रिक्शा में बैठा लिया और उन्हें मंदिर की ओर ले गया.
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इस दौरान रोहित कुमार ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने मोबाइल फोन से अपनी बहन को पूरी घटना बता दी. सूचना मिलते ही परिजन बिना देर किए बच्चों की तलाश में निकल गए. जिसके बाद परिजन लक्ष्मीपुर चंडी स्थान पहुंचे, जहां स्थानीय ग्रामीणों की ममद से आरोपी को बच्चों के साथ पकड़ लिया गया.
आरोपी के बैग से मिला छुरा
ग्रामीणों ने जब आरोपी के बैग की तलाशी लो तो उसमें एक छुरा भी मिला. इसके अलावा उसके पास के अन्य कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ. इसके बच्चों की बलि दिए जाने की आशंका जताई जाने लगी, जिससे गांव में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर कुमारखंड पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया. आरोपी को मुरलीगंज पुलिस के हवाले किया गया है.
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कौन है आरोपी?
मिली जानकारी के अनुसार जब आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने खुद को 46 साल का कन्हैया कुमार बताया और खुद को बेगूसराय जिले के तेगरहा पुरानी बाजार का निवासी बताया. आरोपी ने सभी आरोपों को निराधार बताया और दावा किया कि वह सालों से मोतियों की माला बेचने का काम करता है और पूजा-पाठ में उसकी गहरी आस्था है. उसने यह भी कहा कि बच्चों के प्रति उसे स्नेह है इसीलिए वह उन्हें मंदिर लेकर गया था. वहीं, चाकू को लेकर उसने कहा कि यह चाकू सब्जी काटने के लिए इस्तेमाल होता है. फिलहाल पुलिस पूरे मामेल की जांच कर रही है.