Ankita Murder Case: उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) शुक्रवार को अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari Murder Case) के माता-पिता से मिलने के लिए पौड़ी स्थित उनके घर पहुंचे। यहां उन्होंने अंकिता के माता-पिता को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। बता दें कि दो दिन पूर्व ही सीएम धामी की ओर से पीड़ित माता-पिता को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की गई थी।
पीड़ित परिवार का दुख बांटा
पौड़ी जिले के दोभ श्रीकोट गांव पहुंचकर सीएम धामी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात की। उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि इस जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सरकार मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराएगी। वहीं पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सीएम धामी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि हमारे राज्य में इस तरह का जघन्य अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राज्य और राज्य सरकार परिवार के साथ है। उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
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https://twitter.com/ANINewsUP/status/1575788470265466880
जल्द रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी
बता दें कि एसआईटी प्रभारी, डीआईजी पी रेणुका देवी ने गुरुवार को कहा था कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है। गवाहों और सबूतों का अवलोकन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े सभी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। क्योंकि वनंतारा रिजॉर्ट राजस्व क्षेत्र में आता है। अंकिता के लापता होने का सबसे पहले मामला राजस्व पुलिस चौकी में ही दर्ज किया गया था।
https://twitter.com/ANINewsUP/status/1575816428581957633
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वारदात के अगले दिन मिले थे पुलकित व निलंबित पटवारी
वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच से पता चला है कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ने वारदात के एक दिन बाद पटवारी वैभव से मुलाकात की थी। पटवारी एक गांव का प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो भूमि अभिलेखों के रखरखाव के लिए भी जिम्मेदार होता है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वैभव वही शख्स है, जिसके पास सबसे पहले अंकिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोपों के बाद वैभव को उनके पद (पटवारी) से निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलकित और वैभव की मुलाकात के बारे में भी जांच की जा रही है।
चिल्ला नहर से बरामद हुआ था अंकिता का शव
जानकारी के मुताबिक लापता होने के छह दिन बाद 23 सितंबर को पुलिस ने ऋषिकेश के पास चील्ला नहर से अंकिता भंडारी का शव बरामद किया था। अंकिता भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य के रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी। आरोपी पुलकित आर्य अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले ग्राहकों को “विशेष सेवा” देने के लिए मजबूर कर रहे थे। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबने के कारण दम घुटना आया है।
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Ankita Murder Case: उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) शुक्रवार को अंकिता भंडारी (Ankita Bhandari Murder Case) के माता-पिता से मिलने के लिए पौड़ी स्थित उनके घर पहुंचे। यहां उन्होंने अंकिता के माता-पिता को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। बता दें कि दो दिन पूर्व ही सीएम धामी की ओर से पीड़ित माता-पिता को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की गई थी।
पीड़ित परिवार का दुख बांटा
पौड़ी जिले के दोभ श्रीकोट गांव पहुंचकर सीएम धामी ने अंकिता के परिजनों से मुलाकात की। उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि इस जघन्य अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सरकार मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराएगी। वहीं पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सीएम धामी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि हमारे राज्य में इस तरह का जघन्य अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राज्य और राज्य सरकार परिवार के साथ है। उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
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जल्द रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी
बता दें कि एसआईटी प्रभारी, डीआईजी पी रेणुका देवी ने गुरुवार को कहा था कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है। गवाहों और सबूतों का अवलोकन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े सभी राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। क्योंकि वनंतारा रिजॉर्ट राजस्व क्षेत्र में आता है। अंकिता के लापता होने का सबसे पहले मामला राजस्व पुलिस चौकी में ही दर्ज किया गया था।
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वारदात के अगले दिन मिले थे पुलकित व निलंबित पटवारी
वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच से पता चला है कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ने वारदात के एक दिन बाद पटवारी वैभव से मुलाकात की थी। पटवारी एक गांव का प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो भूमि अभिलेखों के रखरखाव के लिए भी जिम्मेदार होता है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वैभव वही शख्स है, जिसके पास सबसे पहले अंकिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोपों के बाद वैभव को उनके पद (पटवारी) से निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलकित और वैभव की मुलाकात के बारे में भी जांच की जा रही है।
चिल्ला नहर से बरामद हुआ था अंकिता का शव
जानकारी के मुताबिक लापता होने के छह दिन बाद 23 सितंबर को पुलिस ने ऋषिकेश के पास चील्ला नहर से अंकिता भंडारी का शव बरामद किया था। अंकिता भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य के रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट का काम करती थी। आरोपी पुलकित आर्य अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले ग्राहकों को “विशेष सेवा” देने के लिए मजबूर कर रहे थे। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबने के कारण दम घुटना आया है।
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