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भारत का पूर्व कोच विदेश में लड़ रहा कैंसर से जंग, इलाज के लिए बेटी ने मांगी मदद 

Michael Nobbs: पूर्व भारतीय हॉकी कोच माइकल नोब्स पिछले 5 साल से कैंसर से जूझ रहे हैं. जिसके लिए उनके पास इलाज के भी पैसे नहीं थे. उनके इलाज के लिए माइकल की बेटी कैटलिन को मदद मांगनी पड़ी. जिसके बारे में अब उन्होंने खुलकर बात की है. इस कहानी ने अब खेल जगत को बहुत ज्यादा हैरान कर दिया है. फैंस ने भी इस खिलाड़ी की मदद की है.

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Michael Nobbs: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व हॉकी खिलाड़ी माइकल नोब्स संन्यास के बाद भारतीय हॉकी टीम के कोच भी बने थे. माइकल पिछले 5 सालों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. जहां पर उन्हें पैसों की तंगी का सामना भी करना पड़ा. उनके पास इलाज कराने का पैसा भी नहीं था. माइकल की 2 बेटी है. जिनमें से एक कैटलिन नोब्स खुद हॉकी खिलाड़ी हैं. कैटलिन ने अपने पिता के इलाज के लिए मदद मांगी. जिसके बारे में उन्होंने बात की है. 

माइकल नोब्स को मांगनी पड़ी मदद 

एक क्राउडफंडिंग पोर्टल के मुताबिक माइकल नोब्स फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं. ये कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल चुका है. कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए एमीवेंटामैब नाम की दवाई की जरूरत है, लेकिन बहुत महंगी है. 6 महीने के इलाज में लगभग 64 हजार ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का खर्च आता है. 

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जिसके कारण ही कैटलिन और उनकी बहन जैमी ने 31 अगस्त 2025 को इलाज के लिए पैसों की मदद एक क्राउडफंडिंग पोर्टल पर मांगी. जिससे 75 हजार डॉलर आ गए. जिसके बाद भी सही से इलाज नहीं हो पा रहा है. जिसके बारे में कैटलिन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में बताया है. उन्होंने कहा, ‘वह अभी सिडनी में रहते हैं जबकि हम पर्थ में रहते हैं. वहां पहुंचने के लिए हमें फ्लाइट से कम से कम पांच घंटे लगते हैं. दूर से मदद करना मुश्किल हो रहा है.  

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पिता के इलाज के बारे में बोली कैटलिन नोब्स 

इस इंटरव्यू में कैटलिन नोब्स ने कहा, ‘फिलहाल उनका इलाज चल रहा है जो चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वे इससे उबर रहे हैं और उनमें जीने की प्रबल इच्छाशक्ति है. फिलहाल उनका ध्यान खुद को ठीक करने पर है और मैं यही चाहती हूं कि वे मुझे हॉकी खेलते हुए देखें. उन्हें इसमें बहुत आनंद आता है और इससे उनके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. फिलहाल मैं उनके लिए बस इतना ही कर सकती हूं. वह हर किसी में अच्छाई देखते हैं और उनका स्वभाव बेहद दयालु है. सौभाग्य से, हमारी हॉकी को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं हुई है. हम हॉकी से ज्यादा पिता-पुत्री की तरह बातें करते रहे हैं. चाहे मैं अच्छा खेलूं या बुरा, वह हमेशा मेरे सबसे बड़े समर्थक रहे हैं.’

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First published on: Jan 02, 2026 12:45 PM

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About the Author

Aditya

आदित्य तिवारी एक अनुभवी हिंदी कंटेंट राइटर और स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं. उन्होंने अपने डिजिटल मीडिया का सफर मार्च 2019 में शुरू किया था. वह वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वह मुख्य रूप से क्रिकेट और ओलंपिक खेलों से जुड़ी खबरों, मैच रिपोर्ट्स और अपडेट्स पर काम करते हैं. कितने साल का अनुभव: 7+ डिग्री: आदित्य ने जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन (JIMMC) कानपुर से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. इसके अलावा उन्होंने जागरण कॉलेज ऑफ आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स से बीए भी किया है. विशेषज्ञता: क्रिकेट और ओलंपिक खेल पिछला अनुभव: आदित्य ने अपने करियर की शुरुआत स्पोर्ट्सविकी हिंदी के साथ 2019 में की, जहां उन्होंने 1 साल काम किया. जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट एडिक्टर हिंदी, सत्योदय मीडिया, जागरण क्रिकेट और क्रिकेट ज्ञान के लिए काम किया. इसके अलावा ट्रेंड बिहार और भारत का सच के लिए भी काम किया. जनवरी 2025 से आदित्य न्यूज24 हिंदी के साथ सीनियर सब एडिटर के रूप में जुड़े हुए हैं. कवरेज- अब तक आदित्य ने 2 आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप, 4 आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप, 2 ओलंपिक, 2 कॉमनवेल्थ गेम्स, 1 एशियन गेम्स, 1 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी, 2 महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025, 4 महिला टी-20 वर्ल्ड कप, 3 आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, 2 फीफा वर्ल्ड कप, 2019 से बाद से हर प्रो कबड्डी लीग का सीजन, आईपीएल के साथ ही साथ कई विदेशी टी-20 लीग्स को भी कवर किया है. इसके अलावा प्रीमियर लीग 2026-27 और फुटबॉल चैंपियंस लीग 2026-27 को कवर कर रहे हैं.

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