चोरवाड के कृषि मजदूर की बेटी काजल वाजा ने एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता रजत पदक
22nd Asian U20 Athletics Championships 2026: एशियन अंडर-20 एथेलेटिक चैंपियनशिप 2026 में गुजरात की स्प्रिंटर काजल वाजा ने अपनी टीम की खिलाड़ियों के साथ मिलकर 4X100 मीटर रिले इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jun 1, 2026 10:21
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jun 1, 2026 10:21
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Kajal Vaja
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Kajal Vaja Wins Silver Medal: गुजरात की उभरती स्प्रिंटर काजल वाजा ने फिर एक बार साबित किया है कि स्ट्रॉन्ग कमिटमेंट, डिसिप्लिन और मेहनत से साधारण परिवार से आने वाली खिलाड़ी भी इंटरनेशनल लेवल पर कामयाबी कर सकती हैं. जूनागढ जिले के चोरवाड गांव की 19 साल के काजल ने हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रविवार को महिलाओं की 4X100 मीटर रिले इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में अहम रोल अदा किया.
जबरदस्त टीम वर्क ने जिताया मेडल
तमिलनाडु की भावना, हरियाणा की आरती और उत्तर प्रदेश की निपम के साथ भारतीय टीम को रिप्रेजेंट करते हुए काजल ने टीम को 45.04 सेकंड का समय दर्ज करवाने में मदद की. इस प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम ने रजत पदक जीता और अंडर-20 कैटेगरी में भारत ने नया नेशनल रिकॉर्ड भी कायम किया. भारतीय टीम ने पहले के 45.08 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर अपनी तेजी, टीमवर्क तथा बैटन एक्सचेंज में अपनी काबीलियत दिखाई.
मुश्किल हालात के आगे नहीं झुकीं
काजल वाजा की अचीवमेंट उसकी कॉमन फाइनेंशियल बैकग्राउंड को ध्यान में लेते हुए और इंस्पायरिंग बन जाती है. उनके पिता हीराभाई वाजा जूनागढ जिले के समंदर से सटे चोरवाड गांव के साधारण किसान हैं और खेती-मजदूरी करते हैं. आर्थिक चुनौतियों के बीच भी काजल ने अपने खेल कॅरियर पर पूरा फोकस किया और अपने सपने साकार करने के लिए काफी कुर्बानियां दीं.
12वीं की पढ़ाई बीच में रोकी
ट्रैक पर बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए काजल ने कक्षा-12 में एक साल का ड्रॉप लेकर ट्रेनिंग एवं कॉम्पिटीशन की तैयारी पर फोकस किया. उनके इस कमिटमेंट और मेहनत का फल उन्हें अब इंटरनेशनल स्टेज पर मिला है. काजल की रिश्तेदार मंथन डाभी ने कहा, 'काजल को स्कूल के दिनों से ही खेल-कूद को लेकर खास लगाव था और वो लगातार अलग-अलग इवेंट्स में बेहतरीन प्रदर्शन करती आई हैं.'
कोच हुए गदगद
काजल वाजा के कोच शिवम उपाध्याय काजल की कामयाबी का क्रेडिट उनकी कड़ी मेहनत और कामयाबी हासिल करने की जबरदस्त इच्छा को देते हैं. उन्होंने कहा, 'काजल देश की सबसे आशावान यंग स्प्रिंटर्स में एक हैं. उन्होंने गुजरात का गौरव बढ़ाते हुए 100 मीटर, 200 मीटर और रिले इवेंट में अनेक मेडल्स जीते हैं. उनकी डिसिप्लिन, कॉन्फिडेंस और कॉम्पिटिटिव माइंडसेट उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं. वो हर ट्रेनिंग सेशन में पूरी कमिटमेंट के साथ हिस्सा लेती हैं और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए कोशिश करती रहती हैं.'
कई रिकॉर्ड्स काजल के नाम
हांगकांग में जीता गया सिल्वर मेडल काजल की कामयाबियों की लिस्ट में एक और अहम सितारा है. इससे पहले उन्होंने साल 2025 में रांची में आयोजित साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 4X100 मीटर रिले में भी रजत पदक जीता था. इसके अलावा, 60 मीटर इवेंच में अंडर-20 कैटेगरी का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनके नाम है.
भुवनेश्वर में भी चमकीं काजल
इस साल मार्च महीने में भुवनेश्वर में आयोजित प्रथम इनडोर ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में काजल ने 60 मीटर दौड़ में 7.50 सेकंड का समय दर्ज कराकर गोल्ड मेडल जीता और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था. इस उपलब्धि ने उन्हें भारत की सबसे प्रतिभाशाली युवा स्प्रिंटर्स में स्थान दिलाया है.
स्कूल से स्पोर्ट्स के सफर की शुरुआत
काजल की खेल यात्रा गुजरात राज्य की स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ गुजरात (एसएजी) के स्कूल प्रोग्राम से शुरू हुई थी. इसके बाद वे 2019 में कोडीनार स्थित डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल (डीएलएसएस) में जुड़ीं, जहां उनके टैलेंट को ऑर्गेनाइज तरीके से ढाला गया. उनकी क्षमता को पहचान कर 2023 में उनका सिलेक्शन नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) के लिए किया गया, जहां वो हाल में मॉडर्न ट्रेनिंग और कोचिंग हासिल कर रही हैं.
डिप्टी सीएम ने की तारीफ
गुजरात के डिप्टी सीएम और खेल मंत्री श्री हर्ष संघवी ने काजल वाजा और भारतीय रिले टीम को उनकी शानदार कामयाबी के लिए अभिनंदन दिया. उन्होंने कहा, 'सीएम श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनके वैश्विक सपने साकार करने के लिए जरूरी सभी सुविधाएं प्रदान करने को प्रतिबद्ध है. काजल की उपलब्धि गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है.' गौरतलब है कि इसी चैंपियनशिप में गुजरात के दूसरी एक खिलाड़ी और वापी निवासी राहुल जाखड़ ने डेकाथलॉन में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करते हुए गोल्ड मेडल जीता है.
Kajal Vaja Wins Silver Medal: गुजरात की उभरती स्प्रिंटर काजल वाजा ने फिर एक बार साबित किया है कि स्ट्रॉन्ग कमिटमेंट, डिसिप्लिन और मेहनत से साधारण परिवार से आने वाली खिलाड़ी भी इंटरनेशनल लेवल पर कामयाबी कर सकती हैं. जूनागढ जिले के चोरवाड गांव की 19 साल के काजल ने हांगकांग में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रविवार को महिलाओं की 4X100 मीटर रिले इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में अहम रोल अदा किया.
जबरदस्त टीम वर्क ने जिताया मेडल
तमिलनाडु की भावना, हरियाणा की आरती और उत्तर प्रदेश की निपम के साथ भारतीय टीम को रिप्रेजेंट करते हुए काजल ने टीम को 45.04 सेकंड का समय दर्ज करवाने में मदद की. इस प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम ने रजत पदक जीता और अंडर-20 कैटेगरी में भारत ने नया नेशनल रिकॉर्ड भी कायम किया. भारतीय टीम ने पहले के 45.08 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर अपनी तेजी, टीमवर्क तथा बैटन एक्सचेंज में अपनी काबीलियत दिखाई.
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मुश्किल हालात के आगे नहीं झुकीं
काजल वाजा की अचीवमेंट उसकी कॉमन फाइनेंशियल बैकग्राउंड को ध्यान में लेते हुए और इंस्पायरिंग बन जाती है. उनके पिता हीराभाई वाजा जूनागढ जिले के समंदर से सटे चोरवाड गांव के साधारण किसान हैं और खेती-मजदूरी करते हैं. आर्थिक चुनौतियों के बीच भी काजल ने अपने खेल कॅरियर पर पूरा फोकस किया और अपने सपने साकार करने के लिए काफी कुर्बानियां दीं.
12वीं की पढ़ाई बीच में रोकी
ट्रैक पर बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए काजल ने कक्षा-12 में एक साल का ड्रॉप लेकर ट्रेनिंग एवं कॉम्पिटीशन की तैयारी पर फोकस किया. उनके इस कमिटमेंट और मेहनत का फल उन्हें अब इंटरनेशनल स्टेज पर मिला है. काजल की रिश्तेदार मंथन डाभी ने कहा, ‘काजल को स्कूल के दिनों से ही खेल-कूद को लेकर खास लगाव था और वो लगातार अलग-अलग इवेंट्स में बेहतरीन प्रदर्शन करती आई हैं.’
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कोच हुए गदगद
काजल वाजा के कोच शिवम उपाध्याय काजल की कामयाबी का क्रेडिट उनकी कड़ी मेहनत और कामयाबी हासिल करने की जबरदस्त इच्छा को देते हैं. उन्होंने कहा, ‘काजल देश की सबसे आशावान यंग स्प्रिंटर्स में एक हैं. उन्होंने गुजरात का गौरव बढ़ाते हुए 100 मीटर, 200 मीटर और रिले इवेंट में अनेक मेडल्स जीते हैं. उनकी डिसिप्लिन, कॉन्फिडेंस और कॉम्पिटिटिव माइंडसेट उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाते हैं. वो हर ट्रेनिंग सेशन में पूरी कमिटमेंट के साथ हिस्सा लेती हैं और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए कोशिश करती रहती हैं.’
कई रिकॉर्ड्स काजल के नाम
हांगकांग में जीता गया सिल्वर मेडल काजल की कामयाबियों की लिस्ट में एक और अहम सितारा है. इससे पहले उन्होंने साल 2025 में रांची में आयोजित साउथ एशियन सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 4X100 मीटर रिले में भी रजत पदक जीता था. इसके अलावा, 60 मीटर इवेंच में अंडर-20 कैटेगरी का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनके नाम है.
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भुवनेश्वर में भी चमकीं काजल
इस साल मार्च महीने में भुवनेश्वर में आयोजित प्रथम इनडोर ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में काजल ने 60 मीटर दौड़ में 7.50 सेकंड का समय दर्ज कराकर गोल्ड मेडल जीता और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था. इस उपलब्धि ने उन्हें भारत की सबसे प्रतिभाशाली युवा स्प्रिंटर्स में स्थान दिलाया है.
स्कूल से स्पोर्ट्स के सफर की शुरुआत
काजल की खेल यात्रा गुजरात राज्य की स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ गुजरात (एसएजी) के स्कूल प्रोग्राम से शुरू हुई थी. इसके बाद वे 2019 में कोडीनार स्थित डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल (डीएलएसएस) में जुड़ीं, जहां उनके टैलेंट को ऑर्गेनाइज तरीके से ढाला गया. उनकी क्षमता को पहचान कर 2023 में उनका सिलेक्शन नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) के लिए किया गया, जहां वो हाल में मॉडर्न ट्रेनिंग और कोचिंग हासिल कर रही हैं.
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डिप्टी सीएम ने की तारीफ
गुजरात के डिप्टी सीएम और खेल मंत्री श्री हर्ष संघवी ने काजल वाजा और भारतीय रिले टीम को उनकी शानदार कामयाबी के लिए अभिनंदन दिया. उन्होंने कहा, ‘सीएम श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनके वैश्विक सपने साकार करने के लिए जरूरी सभी सुविधाएं प्रदान करने को प्रतिबद्ध है. काजल की उपलब्धि गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है.’ गौरतलब है कि इसी चैंपियनशिप में गुजरात के दूसरी एक खिलाड़ी और वापी निवासी राहुल जाखड़ ने डेकाथलॉन में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करते हुए गोल्ड मेडल जीता है.
A proud moment for Gujarat and India!
Kajal Vaja from Nadiad Athletics Academy and DLSS Somnath, representing the Indian U20 Women’s 4x100m Relay Team, clinched the Silver Medal at the 22nd Asian U20 Athletics Championships 2026 in Hong Kong, China. pic.twitter.com/Vd3rNB6k9j